*सड़कों को घेरकर पंडाल न लगाएं,भगवान गणेश नहीं चाहते कि उनके भक्तों को तकलीफ हो - डॉ. प्रतीक उमरे*
गणेश उत्सव को लेकर दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने गणेश उत्सव समितियों से अपील की है कि भगवान गणेश की स्थापना के लिए सड़कों और सार्वजनिक मार्गों को पूरी तरह घेरकर पंडाल न लगाए जाएं।उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव हमारी आस्था,श्रद्धा और सामाजिक एकता का पर्व है,इसलिए इसकी वजह से आम नागरिकों, मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और आपातकालीन सेवाओं को परेशानी नहीं होनी चाहिए।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं।वे अपने भक्तों के लिए विघ्न पैदा करने वाली व्यवस्था को कभी पसंद नहीं करेंगे।यदि हमारी भक्ति के कारण किसी व्यक्ति को घंटों ट्रैफिक में फंसना पड़े,एंबुलेंस को रास्ता न मिले या किसी जरूरतमंद को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हो तो हमें अपनी व्यवस्था पर जरूर विचार करना चाहिए।उन्होंने कहा कि गणेश पंडालों के लिए सार्वजनिक सड़कों का अनावश्यक अतिक्रमण करने के बजाय उपलब्ध सार्वजनिक स्थानों,मैदानों, सामुदायिक स्थलों अथवा ऐसे स्थानों का उपयोग किया जाना चाहिए जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ-साथ यातायात भी सुचारू रह सके।पंडाल लगाने की स्थिति में सड़क का पर्याप्त हिस्सा आवागमन के लिए खुला रखा जाए तथा वाहनों और पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था की जाए।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि आस्था के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है। गणेश उत्सव मनाने वाली समितियां प्रशासन और यातायात पुलिस के साथ समन्वय कर पंडाल की जगह,प्रवेश-निकास,पार्किंग,बिजली व्यवस्था,अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन मार्ग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।उन्होंने विशेष रूप से अपील की कि पंडाल के सामने वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग न होने दी जाए,तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने से बचा जाए तथा रात में अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण न किया जाए।उत्सव ऐसा हो कि श्रद्धालु भी प्रसन्न रहें और आसपास रहने वाले नागरिकों को भी परेशानी न हो।गणेश उत्सव केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है,बल्कि यह समाज को अनुशासन,सहयोग और सेवा का संदेश देने वाला पर्व भी है।गणेश समितियां चाहें तो पंडालों के माध्यम से रक्तदान शिविर,स्वास्थ्य शिविर,स्वच्छता अभियान,पर्यावरण संरक्षण,यातायात जागरूकता और जरूरतमंदों की सहायता जैसे सामाजिक कार्य भी कर सकती हैं। उन्होंनेदुर्ग जिला प्रशासन से भी आग्रह किया कि शहर में ऐसे संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया जाए जहां सड़क पर पंडाल लगाने से यातायात बाधित होने की संभावना रहती है।ऐसे स्थानों पर समितियों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने के साथ ही यातायात व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल और आवश्यक बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए।