*कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर में 125 से अधिक शिक्षकों को शिक्षाविद शिक्षा शिल्पी सम्मान 2026 से अलंकृत किया जाएगा*

*कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर में 125 से अधिक शिक्षकों को शिक्षाविद शिक्षा शिल्पी सम्मान 2026 से अलंकृत किया जाएगा*

*कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर में 125 से अधिक शिक्षकों को शिक्षाविद शिक्षा शिल्पी सम्मान 2026 से अलंकृत किया जाएगा*
*कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर में 125 से अधिक शिक्षकों को शिक्षाविद शिक्षा शिल्पी सम्मान 2026 से अलंकृत किया जाएगा*
छत्तीसगढ़ के पंजीकृत संस्था एम डी एजुकेशन सोसाइटी सरायपाली छत्तीसगढ़ व शिक्षा सारांश शैक्षिक मासिक पत्रिका के संयुक्त तत्वाधान में साथ ही कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़ के सहयोग से एक दिवसीय शैक्षिक संगोष्ठी सह सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन 26 सितंबर दिन शनिवार को होने जा रहा है । जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से 125 से अधिक शिक्षाविद् का सम्मान *Education sculptor Award 2026* से अलंकृत किये जाएँगे इस कार्यक्रम के के मुख्य अतिथि आदरणीय श्री सुधीर गौतम जी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ शिक्षा आयोग राज्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, कार्यक्रम अध्यक्षता आद. डॉ. संदीप गांधी कुलसचिव, कलिंगा यूनिवर्सिटी नवा रायपुर छत्तीसगढ़, विशेष अतिथि के रूप में आद. श्री प्रमोद डेहरी प्रतिनिधि भूमि बिल्डकॉन एंड डेवलपर्स रायपुर छत्तीसगढ़ एवं डॉ.अनिल कुमार प्रधान राज्य शिक्षक सम्मान पुरस्कार, कार्यक्रम सह-संयोजक एमडी एजुकेशन सोसाइटी सरायपाली एवं शिक्षा विभाग प्रेरक प्रवक्ता के कर कमलों द्वारा यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। 
अंचल के शिक्षाविद् जिन्होंने अपनी शिक्षकीय कार्यकाल में शोध, साहित्य, कला , संस्कृति व शिक्षा जगत में अलख जगाते हुए योगदान दिया है ।शिक्षक जगत में अलख जगाया है। साथ ही जिन्होंने शिक्षण प्रक्रिया की उत्तरोत्तर प्रगति के दृष्टिगत प्रेरक का आधार प्रस्तुत किया है ऐसे शिक्षक सम्मान होंगे।
 *शिक्षक समाज के एक प्रकाश स्तंभ* की तरह जगमगाता सूत्रधार होता है जो बच्चों के भविष्य के साथ चरित्र का निर्माण करता है और वही एक सच्चा मित्र ही एक आदर्श शिक्षक होता है जो अपने अंतर्मन की भावनाओं का दीप जलाकर बाह्य जगत में आलोकित व प्रतिबिंबित करता है और अपने शिष्यों के नैतिक चरित्र मूल्यों को आकार प्रदान करता है; जिनकी गरिमापूर्ण योगदान एक शिक्षक के रूप में विश्व समाज को जगमगाते हुए अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों पर आत्म चिंतन और मनन करने का एक सु-अवसर प्रदान करता है।
सचमुच ऐसे कर्मठ शिक्षक एक प्रकाश पुंज की तरह संस्कारों का निर्माण करता है; और बच्चों की भावी भविष्य को गढ़ता है समाज में एक सूत्रधार की भूमिका निभाते हैं । एक शिक्षक सच्चा मित्र की तरह बच्चों के लिए भलाई का काम करता है इतना ही नहीं; एक शिक्षक नायक भी होता है जो छात्रों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अनवरत प्रयास करता है । वे केवल ज्ञान प्रदाता नहीं होते हैं; बल्कि मार्गदर्शक, प्रेरणादायक व प्रेरणास्रोत भी होते हैं जो बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समय, समर्पण और त्याग के भाव से पूरा दिल लगा देते हैं । नई पीढ़ी को ज्ञान और आदर्शों के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरणा स्थापित कर संजीवनी शक्ति भी प्रदान करते हैं ।
इसलिए शिक्षक एवं वह नींव होता है जिस पर समाज का निर्माण होता है और शिक्षक की जिम्मेदारी बहुत बड़ी होती है , क्योंकि वे इसी जिम्मेदारी के कारण उनकी बौद्धिक तर्क और रचनात्मक दिमाग को आकार देने का काम करते हुए विद्यार्थियों के चरित्र को ढालने और मूल्यों को स्थापित करने में मदद करते हैं । एक आदर्श नागरिक के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है । ऐसे शिक्षकों को कल रायपुर राजधानी के कलिंगा विश्वविद्यालय नवारायपुर में छत्तीसगढ़ के महान विभूतियों के द्वारा अलंकृत किया जाएगा।

*स्मारिका पत्रिका व शिक्षा सारांश शैक्षिक मासिक पत्रिका का विमोचन*
प्रबुद्ध अतिथियों के करकमलों द्वारा शिक्षा सारांश शैक्षिक मासिक पत्रिका व अवार्डियों के लिए स्मारिका पत्रिका का विमोचन होगा। कार्यक्रम सहसंयोजक डॉ. अनिल प्रधान के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम सफलीभूत होगा । कोर कमेटी के सक्रिय सदस्य मनोज प्रधान जी, धर्मेंद्र कुमार श्रवण राज्य पुरुस्कृत व्याख्याता, डॉ.गोपा शर्मा प्रवक्ता, लेखिका एवं शिक्षाविद् , राजेश सूर्यवंशी वीरेंद्र कुमार साहू, रीता श्रीवास्तव ल संपादक मंडल के तत्वाधान व सहभागिता से पुस्तक विमोचन कार्यक्रम होगा। जिसमें ज्ञान, नवाचार भविष्य को सँवारने वाले ऐसे शिक्षक जिन्होंने दशा और दिशा को निर्धारित करते हुए अपनी आत्मभाव को नवाचारी शिक्षक के रूप में उज्ज्वल सीख प्रदान करते हुए छात्रों में कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, नई मूल्यांकन पद्धति आदि गतिविधियांँ शिक्षा सारांश मासिक पत्रिका में प्रकाशित है।

*छत्तीसगढ़ के विभिन्न विधाओं में पारंगत शिक्षक सम्मानित होंगे*
श्रीमती हेमाद्री माधुरी विश्वकर्मा सहायक शिक्षक, श्रीमती मनीषा पाण्डेय शिक्षक, श्री उत्तरा कुमार चौधरी शिक्षक , श्रीमती अनीता चौधरी सहायक शिक्षक, श्री पंकज द्विवेदी शिक्षक, श्री राजेश कुमार द्विवेदी प्राचार्य, श्रीमती निरजा अहिरवार सहायक शिक्षक, श्रीमती नलिनी राय सहायक शिक्षक, श्री दिलीप सिंह मार्को सहायक शिक्षक,श्रीमती खुशबू राय शिक्षक, श्री निरंजन लाल पटेल सहायक शिक्षक, श्रीमती सत्या सूर्यवंशी सहायक शिक्षक,श्रीमती बासंती प्रधान व्याख्याता, श्री संतोष प्रजापति शिक्षक, श्रीमती प्रतिभा जायसवाल
सहायक शिक्षक, सुश्री स्नेहा श्रीवास्तव सहायक शिक्षक, श्री चन्द्रमणी चौहान प्रधान पाठक, साबेरीन सिद्दीकी प्रधान पाठक, श्री रामानंद ध्रुव व्याख्याता, डॉ शिप्रा बेग सहायक शिक्षक , श्री विवेक धुर्वे व्याख्याता, डॉ.आशीष कुमार नायक व्याख्याता,श्री धनीराम बंजारे प्रधान पाठक, श्री नरेन्द्र कुमार राठौर
शिक्षक, श्री रामलाल साहू प्रधान पाठक,डॉ.अनिल कुमार सिदार व्याख्याता, श्रीमती भुनेश्वरी मंथन प्रधान पाठक , डॉ.रेखराम व्याख्याता, श्री अजय सिंह व्याख्याता, श्रीमती हेमकुमारी बरेठ सहायक शिक्षक , श्री श्यामसिंह नुरेटी सहायक शिक्षक ,श्री नन्द किशोर सतपथी प्रधान पाठक,श्रीमती गीता जायसवाल प्रधान पाठक , श्रीमती पूर्णिमा मंडावी प्रधान अध्यापिका, श्रीमती वंदना किण्डो शिक्षक,श्रीमती कविता राठौर प्रधान पाठक,श्रीमती शशि सरोज बेक शिक्षक,श्री पुरुषोत्तम लाल दिल्लीवार व्याख्याता , डॉ.टीकाराम सारथी व्याख्याता, श्रीमती योगेश्वरी साहू सहायक शिक्षक,श्री रमाशंकर साहू शिक्षक,श्रीमती हिना कश्यप. प्रधान पाठक ,श्रीमती सीमा जायसवाल 
सहायक शिक्षक,श्री नरेंद्र कुमार रजक शिक्षक ,डॉ.कुसुम जैन व्याख्याता,श्री सुदामा प्रसाद लोधी शिक्षक, श्रीमती प्रतीक जैन शिक्षक ,श्री नोगेश्वर कुमार साहू
सहायक शिक्षक , श्री पीयूष कुमार पाल 
सहायक शिक्षक,सुश्री प्रियंशी कुजूर व्याख्याता,डॉ. ऐशले कैनेथ डगलस व्याख्याता, श्रीमती माधवी कोर्राम
सहायक शिक्षक, श्रीमती अर्चना सामुएल मसीह शिक्षक ,श्रीमती लक्ष्मी निर्मलकर सहायक शिक्षक, श्रीमती वंदना पैंकरा  
व्याख्याता,सुश्री हेपशीबा एंथोनी 
व्याख्याता,श्री अजय पाठक व्याख्याता, डॉ.सत्यनारायण तिवारी "हिमांशु"प्रधानपाठक,श्रीमती कुसुमलता ध्रुव
सहायक शिक्षक,डॉ.इंद्रजीत सिंह ठाकुर 
प्रिंसिपल, श्रीमती स्वीटी राजपूत 
प्रिंसिपल, श्रीमती सुभाषिनी भगत
 प्रधान पाठक, सुश्री अनिता साहू
शिक्षक, श्री भरत लाल पटेल
व्याख्याता, डॉ.चन्द्र कुमार चन्द्रा 
व्याख्याता, श्रीमती दुर्गेश्वरी राठिया 
व्याख्याता, श्री हरीश कुमार डड़सेना व्याख्याता, श्रीमती रीताराज सिदार
सहायक शिक्षक, श्री राम कुमार मरकाम प्रधानपाठक, श्रीमती रमेश कारके
सहा. शिक्षक, श्री वेद प्रकाश चौहान
शिक्षक, श्रीमती अंजू चौहान
प्रधान पाठक, श्रीमती चन्द्रिका भवानी
प्रधान पाठक, श्रीमती ज्योति सराफ
व्याख्याता, अकिल खान
शिक्षक, श्रीमती योगेश्वरी तंबोली
सहा. शिक्षक, श्रीमती सरोज सिंह सर्वे
शिक्षक, श्री मनोहर लाल घृतलहरे 
सहायक शिक्षक ,श्री विजय कुमार लंझियाना प्रधान पाठक , श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी शिक्षक, श्री प्रेमचन्द साव शिक्षक, श्री त्रिलोक सिंह कुलदीप प्रधानपाठक, श्रीमती मंजुलता श्रवण प्रधान पाठक, श्रीमती कामिनी सिंहशिक्षक, श्री जगदीश मांझी, प्रधान पाठक, कुनिका शर्मा सहायक प्राध्यापक, श्री भूपेन्द्र कुमार जांगड़े उच्च वर्गीय शिक्षक, श्रीमती आशा चौधरी सहायक शिक्षक ,श्रीमती नीता पान्डेय व्याख्याता , श्रीमती लक्ष्मी उरांव सहायक शिक्षक , Mr. Aishwarya Kumar 
Principal , श्री नंदकुमार चौहान अकादमिक शैक्षिक समन्वयक, श्री नवरतन चौहान प्रधान पाठक, श्री मोहनलाल चौहान सहायक शिक्षक, श्रीमती कात्यायनी डनसेना शिक्षक, श्रीमती निशा गौतम सहायक शिक्षक, श्रीमती मिनाक्षी सरकार शिक्षक, श्री मुकेश कुमार साहू शिक्षक, श्री प्रेमचंद भोई, प्रधान पाठक, श्री शिवकुमार साहू, सहायक शिक्षक , Mrs. Manisha Kumar Head Master , Mr. Raj Kishor Kumar 
Director , श्री ख़ोमन लाल साहू व्याख्याता,सुश्री रिया ताम्रकर, सहायक प्राध्यापक, श्रीमती मिथिला जायसवाल 
प्रधानपाठक , श्री आशीष कुमार गबेल शिक्षक , श्री सरविन्द सिदार प्रधान पाठक, श्री सुरेश कुमार साहू सहायक शिक्षक, श्रीमती देवांगिनी पटेल लाइब्रेरियन , श्रीमती हेमलता मिश्रा शिक्षक , सुश्री पुष्पांजलि ठाकुर व्याख्याता , श्रीमती सरिता प्रधान प्रधान पाठक , श्रीमती पूर्णिमा मेहता शिक्षक , श्रीमती लेखा रजक सहायक शिक्षक, श्रीमती गिरिजा पटेल प्रधान पाठक , डॉ.राघवेंद्र प्रताप सिंह राठौर व्याख्याता, रुबीना बानो सहायक शिक्षक, कु.आरती ठाकुर शिक्षक, श्रीमती भोजकुमारी निर्मलकर शिक्षक , डॉ. रेखा चन्द्राकर शिक्षक, श्रीमती ममता गुरुपंच 
शिक्षक, श्रीमती गायत्री जोगी 
प्रधान पाठक, श्री ऋषिकेश साहू प्रधान पाठक, दीपा चौहान व्याख्याता इस तरह से छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से शिक्षाविद् सम्मान हेतु निर्धारित समय पर अपना उपस्थिति प्रदान करेंगे और कार्यक्रम को सफलीभूत करने में अहम् भूमिका निभाएंगे .. और इस सम्मान समारोह के मंचीय उद्घोषक धर्मेंद्र कुमार श्रवण राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता के द्वारा यह जानकारी प्रदान किया गया और उन्होंने अपने विचार को सकारात्मकता परिचय देते हुए कहा कि *यदि शिक्षक झुंड रूपी सामुदाय को तराश कर सभ्य समाज का निर्माण न किया होता तो आज मानव सभ्यता की चरमोत्कर्ष को प्राप्त करने में असमर्थ रहता है इसलिए एक शिक्षक सुविधादाता के रूप में अपने का बखूबी से दायित्वों का निर्वहन करते हुए निष्ठा व कर्मठता का परिचय देते हैं इसलिए शिक्षक को राष्ट्र निर्माता का दर्जा दिया गया है।* आयोजक मंडल एम डी एजुकेशन सोसाइटी की ओर से सभी प्रबुद्ध सुधिजन, बुधिजन, गुणिजन शिक्षकों को ढेर सारी बधाइयांँ एवं शुभकामनाएंँ संप्रेषित करते हुए हर्ष व्याप्त है । इस तरह से नये नित आयामों के साथ उत्तरोत्तर शिक्षा की यात्रा के पथ पर चलते रहें साथ शिक्षा के प्रति लगन, त्याग, समर्पण, मेहनत व परिश्रम के साथ अनवरत रूप से कार्य करते रहें यही अशेष शुभकामना है ..।

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