*बी.एड. का परिणाम शीघ्र जारी करे हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर – डॉ. प्रतीक उमरे*
*बी.एड. का परिणाम शीघ्र जारी करे हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर – डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से बी.एड. सत्र 2026 का परीक्षा परिणाम तत्काल जारी करने की मांग की है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है तथा आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 अगस्त निर्धारित है। ऐसे में बी.एड. का परिणाम लंबित रहने से हजारों योग्य अभ्यर्थियों के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि शिक्षक भर्ती के आवेदन के समय अभ्यर्थियों के पास निर्धारित तिथि तक सभी आवश्यक शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण-पत्र उपलब्ध होना अनिवार्य होता है। इनमें बी.एड. की अंकसूची एवं उत्तीर्णता प्रमाण-पत्र के साथ-साथ स्नातक की अंकसूची, जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं। यदि समय पर बी.एड. का परिणाम जारी नहीं होता है, तो अनेक विद्यार्थी पात्र होने के बावजूद केवल परिणाम लंबित होने के कारण आवेदन करने से वंचित रह सकते हैं।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने अपनी परीक्षा समय पर दी और अब परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विश्वविद्यालय की प्रशासनिक देरी का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए। एक ओर सरकार युवाओं को रोजगार देना चाह रही है,वहीं दूसरी ओर यदि विश्वविद्यालय समय पर परिणाम जारी नहीं करेगा तो योग्य अभ्यर्थियों के रोजगार के अवसर प्रभावित होंगे।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि बी.एड. के विद्यार्थी पिछले कई दिनों से विश्वविद्यालय से परिणाम जारी करने की मांग कर रहे हैं। लगातार अनिश्चितता के कारण छात्र मानसिक तनाव में हैं और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।विश्वविद्यालय प्रशासन को इस विषय की गंभीरता समझते हुए प्राथमिकता के आधार पर मूल्यांकन एवं परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।उन्होंने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति एवं परीक्षा विभाग से आग्रह किया कि विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखते हुए बी.एड. 2026 का परीक्षा परिणाम अविलंब घोषित किया जाए, ताकि कोई भी अभ्यर्थी केवल परिणाम में विलंब के कारण शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।डॉ. प्रतीक उमरे ने यह भी कहा कि शिक्षा संस्थानों का दायित्व केवल परीक्षाएं आयोजित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखना भी है।समय पर परिणाम जारी करना विश्वविद्यालय की जवाबदेही का महत्वपूर्ण हिस्सा है।