*विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ,पद्मश्री बारले और जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर रहीं प्रमुख रूप से उपस्थित*
*ग्राम तवेरा में अमर शहीद गुरु बालकदास जी की 221वीं जयंती धूमधाम से आयोजित*
*विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ,पद्मश्री बारले और जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर रहीं प्रमुख रूप से उपस्थित*
*बालोद :-* सतनाम समाज और क्षेत्रवासियों के तत्वावधान में ग्राम तवेरा में अमर शहीद गुरु बालकदास जी की 221वीं जयंती समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) एवं अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा जी शामिल हुए। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने की। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पद्मश्री डॉ. राधेश्याम बारले जी, पद्मश्री डोमार सिंह कुंवर जी, दुर्ग जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे जी, सतनामी समाज बालोद अध्यक्ष श्री संजय बारले जी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कांति सोनेश्वरी जी, जनपद सदस्य श्रीमती देविका बंजारे जी, श्रीमती हेमलता देशलहरे जी, श्रीमती स्नेहलता खरे जी सहित स्थानीय सरपंच श्री शैलेन्द्र निषाद जी, श्रीमती निशा मार्कण्डे जी एवं श्री दिलेश्वर साहू जी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने कहा कि अमर शहीद गुरु बालकदास जी ने समाज से अन्याय, अत्याचार और कुरीतियों को समाप्त करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने गुरु घासीदास बाबा जी के सतनाम के संदेशों और सामाजिक समरसता को आगे बढ़ाया। आज हमें उनके विचारों को अपने जीवन में उतारकर समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा कि गुरु बालकदास जी का जीवन संघर्ष और सत्यनिष्ठा की मिसाल है। उन्होंने समाज को स्वाभिमान से जीने और अपने अधिकारों के लिए निडर होकर खड़े होने की प्रेरणा दी। तवेरा में आयोजित यह जयंती समारोह हमें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और नैतिक विरासत से जोड़ता है। सतनाम समाज के विचार संपूर्ण मानव जाति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। पद्मश्री डॉ. राधेश्याम बारले पंथ और समाज की संस्कृति ही हमारी पहचान है। पंथी और भजनों के माध्यम से गुरु घासीदास जी और गुरु बालकदास जी के विचारों का प्रचार-प्रसार घर-घर तक पहुंच रहा है। युवा पीढ़ी को गुरु जी के बताए सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग पर चलना चाहिए। कार्यक्रम को अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पाग-श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर चौरेल मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री पवन जोशी, पूर्व जि.पं. सदस्य पुष्पेंद्र चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में सतनाम समाज के पदाधिकारी और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।