प्रेस विज्ञप्ति
*पिता की स्मृति में लगाया पीपल का पौधा, प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प*
ग्राम कठिया नंबर एक निवासी बिसहत वर्मा का 15 अगस्त को निधन हो गया था, जिनका दशगात्र कार्यक्रम 24 अगस्त 2026 को संपन्न हुआ। पिता की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से दशगात्र कार्यक्रम के अवसर पर पुत्र धर्मेंद्र वर्मा, धरम नारायण, भाचा शत्रु, सोमसाय वर्मा, वीरेंद्र वर्मा, हिंसु, सोहन वर्मा, माधो प्रसाद, महेश, नरेश, अजय, राजेंद्र, दीपक वर्मा, सतीश, भोजराम वर्मा, तिलक बघेल, रवि, विक्की एवं डॉ. हरीश वर्मा ने पीपल का पौधा रोपित कर उसकी देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर डॉ. हरीश वर्मा ने कहा कि “हमारा जीवन पानी के बुलबुले के समान है, जीवन रूपी यह बुलबुला पता नहीं कब फूट जाए। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए, ताकि उसके जाने के बाद भी उसकी याद इस दुनिया में जीवित रहे और उसके द्वारा लगाया गया पेड़ आने वाली पीढ़ियों के लिए उसकी स्मृति का प्रतीक बनकर हमेशा स्मरणीय रहे।” उन्होंने पौधरोपण को
पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ दिवंगत आत्मा की स्मृति को प्रकृति से जोड़ने वाला पुनीत कार्य बताया। इस प्रेरणादायी पहल पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छड़िया के प्रधान पाठक धीरेंद्र कुमार वर्मा ने परिवारजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि दुःख की घड़ी में प्रकृति संरक्षण को अपनाना समाज के लिए अनुकरणीय संदेश है। उन्होंने कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण को स्वच्छ और संतुलित रखने का माध्यम ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और स्मृतियों की अमूल्य विरासत भी हैं। दिवंगत बिसहत वर्मा की स्मृति में लगाया गया पीपल का पौधा परिवार की भावनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा का प्रतीक बनेगा।