**पुण्यतिथि पर श्रद्धा-सुमन: शिक्षा एवं समाज सेवा के प्रेरणास्रोत स्व. दाऊ रामप्रसाद देवांगन को किया नमन*
रिपोर्टर रोहित वर्मा
लोकेशन खरोरा
**पुण्यतिथि पर
श्रद्धा-सुमन: शिक्षा एवं समाज सेवा के प्रेरणास्रोत स्व. दाऊ रामप्रसाद देवांगन को किया नमन*
खरोरा,
पीएम श्री भरत देवांगन शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी/अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय, खरोरा के दानवीर संस्थापक स्वर्गीय दाऊ रामप्रसाद जी देवांगन की पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को विद्यालय परिसर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थापक परिवार एवं विद्यालय परिवार, ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके द्वारा शिक्षा एवं समाज के लिए किए गए अविस्मरणीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
इस अवसर पर संस्थापक परिवार की ओर से गिरीश देवांगन (पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम), ईश्वरी प्रसाद देवांगन, डॉ. महेंद्र देवांगन (शिशु रोग विशेषज्ञ), संजीव देवांगन, कस्तूरी देवांगन, लता देवांगन, कंचन देवांगन, कीर्ति देवांगन, हरीश देवांगन, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर, नगर पंचायत उपाध्यक्ष सुमित सेन, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सोनी, शेखर देवांगन, देव देवांगन, प्राचार्य रजनी मिंज, व्याख्याता शाहिना परवीन, सहित विद्यालय परिवार के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्व. दाऊ रामप्रसाद जी देवांगन ने अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा, शिक्षा के प्रसार एवं संस्कारयुक्त पीढ़ी के निर्माण के लिए समर्पित किया। उनके दूरदर्शी विचारों और शिक्षा के प्रति समर्पण का ही परिणाम है कि आज यह विद्यालय हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का सशक्त माध्यम बना हुआ है। उनके आदर्श, सेवा-भाव और शिक्षा के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उनके बताए मार्ग पर चलने एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने का संकल्प लिया।
गौरतलब है कि स्व. दाऊ रामप्रसाद जी देवांगन का जन्म 19 अप्रैल 1923 को हुआ था तथा उनका निर्वाण 02 अगस्त 2003 को हुआ। उन्होंने समाज, शिक्षा एवं संस्कारों के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देकर जनसेवा का ऐसा आदर्श स्थापित किया, जिसे खरोरा क्षेत्र सदैव कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करता रहेगा।
विद्यालय परिवार ने अंत में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि "दाऊजी के आदर्श, उनके संस्कार और शिक्षा के प्रति उनका समर्पण सदैव हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत रहेंगे तथा उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को निरंतर मार्गदर्शन देता रहेगा।"