*बीके स्वाति दीदी ने गणमान्य अतिथियों को बांधा रक्षा सूत्र, बताया रक्षाबंधन का आध्यात्मिक महत्व*

*बीके स्वाति दीदी ने गणमान्य अतिथियों को बांधा रक्षा सूत्र, बताया रक्षाबंधन का आध्यात्मिक महत्व*

*बीके स्वाति दीदी ने गणमान्य अतिथियों को बांधा रक्षा सूत्र, बताया रक्षाबंधन का आध्यात्मिक महत्व*
सादर प्रकाशनार्थ प्रेस विज्ञप्ति।

*बीके स्वाति दीदी ने गणमान्य अतिथियों को बांधा रक्षा सूत्र, बताया रक्षाबंधन का आध्यात्मिक महत्व*
28 अगस्त 2026, बिलासपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बिलासपुर मुख्य शाखा स्थित राजयोग भवन, टेलीफोन एक्सचेंज रोड में रक्षाबंधन का पावन पर्व आध्यात्मिक उल्लास एवं भाईचारे की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता कर परमात्मा स्मृति, पवित्रता और सकारात्मक जीवन का संदेश ग्रहण किया।
इस अवसर पर सेवाकेंद्र संचालिका बीके स्वाति दीदी द्वारा भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री तोखन साहू जी तथा बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल जी सहित विभिन्न गणमान्य अतिथियों को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी गईं। 
रक्षाबंधन के आध्यात्मिक स्वरूप को स्पष्ट करते हुए बीके स्वाति दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि यह स्वयं की बुराइयों से रक्षा, पवित्रता का संकल्प और परमात्मा से आत्मिक संबंध को मजबूत करने का पर्व है। जब मनुष्य अपने विचारों को श्रेष्ठ बनाता है और जीवन में सकारात्मकता, संयम, प्रेम एवं सद्भाव को धारण करता है, तभी वास्तविक सुरक्षा और सुख-शांति का अनुभव होता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में बाहरी सुरक्षा के साथ-साथ मन की सुरक्षा भी अत्यंत आवश्यक है। नकारात्मक विचार, तनाव, क्रोध, अहंकार एवं व्यर्थ चिंतन से स्वयं की रक्षा करना ही सच्चे अर्थों में रक्षाबंधन का संदेश है। रक्षा सूत्र बांधते समय प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने जीवन में श्रेष्ठ संस्कारों को धारण करेगा और समाज में शांति, प्रेम एवं सद्भावना फैलाने का माध्यम बनेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा समाज में आध्यात्मिक जागृति, नैतिक मूल्यों, तनावमुक्त जीवन, नशामुक्ति, सकारात्मक सोच एवं मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। अतिथियों ने कहा कि आज के समय में ऐसे आध्यात्मिक एवं मूल्य आधारित कार्यक्रम समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रक्षाबंधन के अवसर पर राजयोग भवन का वातावरण आध्यात्मिक उमंग और उत्साह से भर गया। भाई-बहनों ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं तथा जीवन में पवित्रता, सद्भावना और श्रेष्ठ कर्मों को अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जब मन पवित्र होता है, विचार सकारात्मक होते हैं और जीवन में श्रेष्ठ संस्कार होते हैं, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र में वास्तविक शांति एवं सुरक्षा स्थापित हो सकती है। रक्षाबंधन का यह पावन पर्व सभी को अपने जीवन में अच्छाइयों की रक्षा करने और बुराइयों का त्याग करने की प्रेरणा देता है।
राजयोग भवन में आयोजित यह कार्यक्रम आध्यात्मिकता, आत्मिक भाईचारे और विश्व कल्याण की भावना के साथ संपन्न हुआ।

ईश्वरीय सेवा में,
बीके स्वाति
राजयोग भवन, बिलासपुर

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