लाटाबोड़ सरस्वती शिशु मंदिर में सीडबॉल, बीजरोपण कार्याशाला आयोजित किया गया :- पर्यावरण गतिविधि व संरक्षण ठीम, जिला बालोद द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भारत के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से लाटाबोड़ सरस्वती शिशु मंदिर में सीडबॉल, बीजरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
लाटाबोड़ सरस्वती शिशु मंदिर में सीडबॉल, बीजरोपण कार्याशाला आयोजित किया गया :- पर्यावरण गतिविधि व संरक्षण ठीम, जिला बालोद द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भारत के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से लाटाबोड़ सरस्वती शिशु मंदिर में सीडबॉल, बीजरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिसमें मुख्य अतिथि श्री ओमप्रकाश टुवानी जी हरिभूमि संवाददाता ,अध्यक्षता जीवन साहू सेवा निवृत्त शिक्षक, विशेष अतिथि कश्चित साहू अध्यक्ष कुवांरी माता शिक्षण समिति लाटाबोड़ ने कि इस कार्याशाला के प्रशिक्षक विनोद कुमार साहू जिला कार्यवाह जिला बालोद निवास लाटाबोड़ व कमलकृष्णाकांत साहू पर्यावरण गतिविधि संयोजक निवास कुसुमकसा ने प्रशिक्षण दिया इस कार्याशाला में इन सभी समस्त शिक्षक का सहयोग प्राप्त प्रधानाचार्य प्रकाश तिवारी,आचार्यों जितेन्द्र सिंद्राम,देवेश बघेल, योगेंद्र निषाद,कामनी यदु,त्रिवेणी साहू, हरिप्रिया वैष्णव, मोनिका साहू ,दामिनी साहू, पदमणी निषाद, रेणुका मिश्रा,पुकेश्वरी साहू व विद्यालय के भैया बहन भागीदारी दिखाया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 3:00 बजे हुआ इस कार्यक्रम शुरुआत भारत माता के चलचित्र पर पुष्प अर्पित कर हुआ कार्याशाला के मुख्य अतिथि श्री ओमप्रकाश टुवानी जी कहां यह एक अत्यंत प्रभावशाली और दूरदर्शी विचार है। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं या व्यक्तिगत प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक जन-आंदोलन बनकर ही सफल हो सकता है।जब सामाजिक कार्यकर्ता, परिवार और समुदाय साथ आते हैं, तो इसके सकारात्मक प्रभाव प्रगट होता है
सीडबॉल बनाना एक आसान प्रक्रिया है जिसे बच्चे, बुजुर्ग और परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर कर सकते हैं। यह खाली पड़ी बंजर ज़मीनों या दुर्गम क्षेत्रों में हरियाली लाने का सबसे सस्ता और प्रभावी तरीका है। इसे सामूहिक भागीदारी जब सामाजिक कार्यकर्ता इसे एक अभियान का रूप देते हैं, तो यह तकनीक कम समय में हज़ारों पेड़ लगाने में मदद करती है।वृक्षारोपण केवल लगाना नहीं, बचाना भी अक्सर पेड़ लगा तो दिए जाते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा नहीं हो पाती। यदि पूरा परिवार या मोहल्ले के लोग मिलकर पेड़ लगाते हैं, तो वे उसकी अभिभावक की भूमिका निभाते हैं, जिससे पौधों के जीवित रहने की दर बढ़ जाती है जब
परिवार मिलकर एक 'स्मृति वृक्ष' या 'पारिवारिक वाटिका' तैयार करते हैं, तो उससे भावात्मक जुड़ाव पैदा होता है, जो संरक्षण को सुनिश्चित करता है, सामाजिक कार्यकर्ताओं
मार्गदर्शन सामाजिक कार्यकर्ता बीज चयन स्थानीय प्रजातियों का चयन, मिट्टी की तैयारी और सही समय मानसून का चुनाव करने में एक उत्प्रेरक की तरह कार्य कर सकते हैं। जागरूकता का आवश्यकता सामुदायिक स्तर पर लोगों को यह समझा सकते हैं कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक का काम नहीं, बल्कि 'जीवन की सुरक्षा' का काम है। जब पेड़ लगाने का कार्य एक सामुदायिक उत्सव बन जाता है, तो पर्यावरण का संरक्षण स्वतः ही सुनिश्चित हो जाता है।"
आपके इस विचार को धरातल पर उतारने के लिए क्या आप किसी विशेष क्षेत्र या समुदाय के साथ कोई अभियान शुरू करने की योजना बना रहे हैं जिसमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने जिससे भविष्य में हरित आवरण बढ़ेगा तथा जैव विविधता का संरक्षण होगा।
अध्यक्षता जीवन साहू कहां यहां कार्य को हम परिवार के साथ बैठकर भी कर सकते है जिस प्रकार पिता जी ने 10 सीडबॉल ,माता जी 10 इस प्रकार से दादी दादा भी कर सकते है यहां सभी का जिम्मेदारी है । वृक्षारोपण इसलिए आवश्यक है क्योंकि पेड़ हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, हवा से हानिकारक गैसों और धूल को सोखकर पर्यावरण को शुद्ध करते हैं, मिट्टी के कटाव को रोकते हैं, और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद करते हैं विशेष अतिथि कश्चित साहू मानव जीवन के लिए मूल आधार वृक्षारोपण वन कार्बन-डाइऑक्साइड अवशोषित करते हैं और जल चक्र को बनाए रखकर मौसम और तापमान को नियंत्रित करते हैं हरे-भरे पेड़ों के बीच रहने से तनाव कम होता है और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। कार्यक्रम के अंत में कमलकृष्णाकांत साहू द्वारा 'नेशनल स्टूडेंट पर्यावरण प्रतियोगिता' (National Student Paryavaran Competition - 2026 NSPC) के बारे में है जानकारी दिया गया यह छात्रों के लिए एक पर्यावरण-आधारित प्रतियोगिता है इसे भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है यह प्रतियोगिता 15 जुलाई से शुरू हो रही है पंजीकरण (Registration): भाग लेने के लिए आप पोस्टर में दिए गए QR कोड को स्कैन कर सकते हैं या उनकी आधिकारिक वेबसाइट paryavaransanrakshan.org पर जा सकते हैं कार्यक्रम में पर्यावरण गतिविधि के कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया।