*धर्मेंद्र कुमार श्रवण को मिला स्व.हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार*

*धर्मेंद्र कुमार श्रवण को मिला स्व.हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार*

*धर्मेंद्र कुमार श्रवण को मिला स्व.हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार*
*धर्मेंद्र कुमार श्रवण को मिला स्व.हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार*
लोकप्रिय संस्था राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत द्वारा स्व. हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह-26 का भव्य आयोजन शांति नगर स्थित विमतारा भवन में हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर हरिभूमि-आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शिरकत की।

देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 250 उत्कृष्ट शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्र निर्माण में उत्कृष्ट भूमिका के लिए राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से अलंकृत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ. पूर्णानंद मिश्र राष्ट्रीय अध्यक्ष शिक्षा अंजोर भारत एवं  विशिष्ट अतिथि के रुप में विराजमान एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका शिक्षाविद् डॉ. प्रज्ञा सिंह की उपस्थिति में सभी उत्कृष्ट बहुआयामी व विभिन्न क्षेत्रों में पारंगत शिक्षकों को आई कार्ड, काली हल्दी का पौधा, प्रशस्ति प्रत्र एवं आकर्षक प्रतीक चिन्ह मोमेंटो के साथ पुरस्कार प्रदान किया गया ।  बालोद जिला के आदिवासी विकास खंड डौंडी के वनांचल सेजेस शाला से पहुँचे राज्यपाल पुरस्कृत धर्मेंद्र कुमार श्रवण को उनके उत्कृष्ट शिक्षकीय व उल्लेखनीय कार्य हेतु स्वर्गीय श्री हरिवंश मिश्र जी राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्रदान किया गया । 
शिक्षा अंजोर भारत एक सामाजिक-शैक्षिक अभियान है, जिसका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा सेवियों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करना है। यह अभियान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, सामुदायिक सहभागिता तथा राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका को मजबूत करने पर बल देता है। भारत में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विभिन्न सरकारी और सामाजिक पहलें भी संचालित हैं, जैसे समग्र शिक्षा, मूल्य आधारित शिक्षा एवं नवाचार आधारित शिक्षण कार्यक्रम। 
शिक्षा अंजोर भारत का मूल संदेश यह है कि शिक्षा से समाज में जागरूकता और विकास। नवाचारी शिक्षकों का सम्मान। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा। विद्यालय, पालक एवं समुदाय की सहभागिता।
 उन्होंने कहा कि शिक्षक का कार्य शिक्षा देना ही नहीं ; बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, संस्कृति और सभ्यता को गढ़ना है ताकि आनेवाले भावी पीढ़ी को सँवार सकेंऔर देश समाज कल्याण हित में कार्य कर सकें ।  राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाला यह सम्मान प्रत्येक शिक्षक को और अधिक उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर उनके शिक्षा, अनुशासन एवं समाज सेवा के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को याद किया गया। 

राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत के सम्माननीय गण इस समारोह की अध्यक्षता करते हुए डॉ. पूर्णानंद मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत, संरक्षक मनोज वर्मा, दिजेंद्र कुर्रे, प्रेमचंद साव, डॉ. प्रज्ञा सिंह, रिंकल बग्गा, तरुण कुमार दास, पीतांबर मानिकपुरी, अजय कुमार जायसवाल, जितेन्द्र मिश्रा, रूद्र नारायण तिवारी, वीरेंद्र कुमार कर, रीता पति, शैलेन्द्र नायक, मनोज मुच्छावड़, योगेश सिंह ठाकुर, गायत्री मिश्रा, एमएन वर्मा, आनंद शर्मा सहित राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
श्रवण जी के हरिवंश राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने पर संस्था के प्राचार्य जॉनसन जी वरिष्ठ व्याख्याता जी एस कोर्राम जी, भीखम रावटे जी, मनमोहन धाकड़ जी एवं अन्य शिक्षकवृंदो बधाइयांँ संप्रेषित किये है ।

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