*डॉ. खूब चंद बघेल की 126वीं जयंती: समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में 50 प्रतिभावानों का सम्मान*

*डॉ. खूब चंद बघेल की 126वीं जयंती: समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में 50 प्रतिभावानों का सम्मान*

*डॉ. खूब चंद बघेल की 126वीं जयंती: समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में 50 प्रतिभावानों का सम्मान*
रिपोर्टर रोहित वर्मा 
खरोरा 

*डॉ. खूब चंद बघेल की 126वीं जयंती: समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में 50 प्रतिभावानों का सम्मान*
खरोरा 
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के प्रथम स्वप्न दृष्टा डॉ. खूब चंद बघेल की 126वीं जयंती छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज ने भव्यता और सामाजिक समरसता के साथ मनाई। इस अवसर पर केंद्रीय कार्यालय नरदाहा भवन में आयोजित समारोह में 50 मेधावी छात्र-छात्राओं एवं समाज के दानवीरों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे नवीन मार्केट में डॉ. बघेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई, जहां बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, मंत्री टंक राम वर्मा, केंद्रीय अध्यक्ष खोडस राम कश्यप, आरएसएस प्रांत प्रमुख टोप लाल वर्मा एवं आईएएस चंद्रकांत वर्मा ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
डॉ. बघेल के सपनों को साकार करने का संकल्प समाज के केंद्रीय अध्यक्ष खोडस राम कश्यप ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. खूब चंद बघेल ने एक ऐसे छत्तीसगढ़ का सपना देखा था जहां शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय सभी के लिए सुलभ हो। उन्होंने कहा, "डॉ. बघेल न केवल एक स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि एक कुशल चिकित्सक, समाज सुधारक और साहित्यकार भी थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन छत्तीसगढ़ के विकास और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में समर्पित कर दिया था"। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से डॉ. बघेल के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया और कहा कि समाज शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है, जिसका प्रमाण स्वामी आत्मानंद विद्या पीठ के माध्यम से हर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण
 शिक्षा प्रदान करना है। केंद्रीय महामंत्री यशवंत सिंह वर्मा ने बताया कि आरएसएस प्रांत संघचालक टोप् लाल वर्माने दी डॉ. बघेल की विचारधारा पर प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. खूब चंद बघेल का जीवन संघर्ष और समाज सेवा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बघेल जी ने छत्तीसगढ़ की अस्मिता और पहचान के लिए जो आंदोलन किया, वह आज भी प्रासंगिक है। उनकी विचारधारा सामाजिक समरसता और सबके विकास पर केंद्रित थी। टोप लाल वर्मा ने समाज द्वारा डॉ. बघेल की जयंती को सर्व समाज के साथ मिलकर मनाने की परंपरा की सराहना की और कहा कि यही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने युवा पीढ़ी से डॉ. बघेल के आदर्शों को आत्मसात करने का आग्रह किया।
मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा- सरकार करेगी हर संभव सहयोग छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि डॉ. खूब चंद बघेल का सपना एक समृद्ध और शिक्षित छत्तीसगढ़ का था। उन्होंने कहा, "प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है और समाज द्वारा स्वामी आत्मानंद विद्या पीठ के माध्यम से किए जा रहे शिक्षा के कार्यों को सरकार हर संभव सहयोग देगी।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डॉ. बघेल ने अपने जीवनकाल में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया था, और उनके बताए रास्ते पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने समाज के दानवीरों की सराहना की जिन्होंने सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।आईएएस चंद्रकांत वर्मा ने शिक्षा पर दिया जोर देते हुए कहा कि डॉ. खूब चंद बघेल का जीवन इस बात का प्रमाण है कि यदि मनुष्य में संकल्प हो तो वह कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि बघेल जी ने अपने जीवनकाल में शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह आज भी मार्गदर्शक है। समाज द्वारा स्वामी आत्मानंद विद्या पीठ के संचालन से गांव-गांव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जा रहा है, जो डॉ. बघेल के सपनों को साकार करने का प्रयास है।

प्रतिभा सम्मान और दानवीरों की सराहना

कार्यक्रम में स्वामी आत्मानंद विद्या पीठ के मेधावी छात्रों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी कक्षा में मेरिट स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा समाज के उन दानवीरों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। समारोह में सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया, जिनमें रमेश यदु अध्यक्ष सर्व छत्तीसगढ़ समाज रमेश कश्यप (सर्व पिछड़ावर्ग महासंघ के उपाध्यक्ष), ठेठवार समाज के पहुप राम यदु, राजा निर्मलकर, माधव देवदास, दिनेश निर्मलकर, पुरुषोत्तम चंद्राकर, युवराज सिन्हा आदि ने कहा कि डॉ. बघेल एवं कुर्मी समाज द्वारा उनके नक्शे-कदम में चलकर सर्व समाज के साथ मिलकर यह जयंती मनाई जाती है, जो सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण है।

इस अवसर पर समाज के संरक्षक मन्नू लाल परगनिया, डॉ. के. के. नायक, रघुनंदन लाल वर्मा, मोती वर्मा, मीना परगनिहा, केंद्रीय महामंत्री यशवंत सिंह वर्मा, जागेश्वर बघेल, आर. सी. वर्मा, संतोष आडील, राज प्रधान जागेश्वर वर्मा, हरि राम वर्मा, सुनीता वर्मा श्री मति लक्ष्मी लता वर्मा जुगल किशौर् अडिल ईश्वरी वर्मा , राम खिलावन वर्मा, ठाकुर राम वर्मा, नील मणि परगनिहा, चिंता राम वर्मा, सहित सभी दसों राज प्रधान, अनिल कुर्मी, शेखर वर्मा,गिरजेश वर्मा, नरसिंह वर्मा,महेंद्र वर्मा, ऋषि वर्मा, सरिता बघेल चंद्रकांत वर्मा, अदिति बघमार् अन्नू कश्यप सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।
यशवंत सिंह वर्मा 
केंद्रीय महामंत्री
छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज

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