*विकसित दुर्ग के लिए आधुनिक स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम समय की मांग – भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि हर वर्ष बारिश के दौरान शहर के अनेक क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर समस्या यह साबित करती है कि वर्तमान जल निकासी व्यवस्था अब शहर की बढ़ती आबादी और तेजी से हुए शहरी विस्तार के अनुरूप नहीं रह गई है।पुराने नालों और ड्रेनेज सिस्टम के भरोसे विकसित हुए शहर में अब व्यापक और वैज्ञानिक नए ड्रेनेज मास्टर प्लान की आवश्यकता है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि जिस प्रकार अन्य शहरों में पुराने ड्रेनेज नेटवर्क को आधुनिक स्वरूप देकर बड़े नालों,वर्षा जल निकासी मार्गों और नए आउटफॉल का निर्माण किया जा रहा है,उसी प्रकार दुर्ग के लिए भी दीर्घकालिक योजना बनाई जानी चाहिए।केवल नालियों की सफाई या बारिश के समय निरीक्षण करने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।उन्होंने कहा कि शहर के कई हिस्सों में सड़कें ऊंची हो चुकी हैं,नई कॉलोनियां बस गई हैं और आबादी लगातार बढ़ी है,लेकिन जल निकासी की मूल व्यवस्था में उसी अनुपात में सुधार नहीं हुआ।परिणामस्वरूप थोड़ी देर की तेज बारिश में भी बहुत से वार्डों,बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन जाती है,जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कलेक्टर अभिजित सिंह से आग्रह किया है कि नगर निगम और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से विशेषज्ञ संस्थाओं से दुर्ग शहर का हाइड्रोलॉजिकल एवं ड्रेनेज सर्वे कराकर एक नया ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार करें।इस योजना में पुराने नालों का चौड़ीकरण,नए स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण,प्राकृतिक जल निकासी मार्गों का संरक्षण,अतिक्रमण हटाना तथा वर्षा जल के तेज प्रवाह के लिए आधुनिक निकासी प्रणाली विकसित करना शामिल होना चाहिए।उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में हर वर्ष जलभराव होता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर स्थायी परियोजनाएं शुरू की जाएं और इनके लिए राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं से वित्तीय स्वीकृति प्राप्त की जाए।दुर्ग जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर को अब अस्थायी उपायों से नहीं,बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और वैज्ञानिक ड्रेनेज प्लान की आवश्यकता है।यदि अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में जलभराव की समस्या और गंभीर होती जाएगी।