मधुर साहित्य परिषद् का 25वाँ स्थापना दिवस व रजत जयंती समारोह कोहंगाटोला में गरिमामय माहौल में संपन्नसाझा संकलन 'अनहद' 2026 का हुआ भव्य विमोचन, साहित्य, संगीत एवं पत्रकारिता जगत की उत्कृष्ट हस्तियों का हुआ सम्मान,
प्रेस विज्ञप्ति
मधुर साहित्य परिषद् का 25वाँ स्थापना दिवस व रजत जयंती समारोह कोहंगाटोला में गरिमामय माहौल में संपन्न
साझा संकलन 'अनहद' 2026 का हुआ भव्य विमोचन, साहित्य, संगीत एवं पत्रकारिता जगत की उत्कृष्ट हस्तियों का हुआ सम्मान,
छत्तीसगढ़ी लोककला व संगीत का साहित्य पर प्रभाव विषय पर हुई गंभीर विचार-गोष्ठी,
बालोद। मधुर साहित्य परिषद् जिला बालोद का 25वाँ स्थापना दिवस, रजत जयंती वर्ष, पुस्तक विमोचन, साहित्यकार सम्मान समारोह एवं छत्तीसगढ़ स्तरीय भव्य कवि सम्मेलन रविवार, 26 जुलाई 2026 को सांस्कृतिक कला मंच, ग्राम कोहंगाटोला (बालोद) में अत्यंत उत्साह, गरिमा और भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
प्रथम सत्र: माँ सरस्वती पूजन, अध्यक्ष द्वारा पच्चीस वर्षीय साहित्यिक उड़ान का वर्णन, प्रतिभा सम्मान एवं अतिथियों का गरिमामय संबोधन
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर पूजा-अर्चना के साथ हुआ। तत्पश्चात अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया।
प्रथम सत्र की मुख्य अतिथि राजमाता श्रीमती फुलवा देवी कांगे अध्यक्ष, अखिल भारतीय आदिवासी सैनिक संस्था, नई दिल्ली व कंगला मांझी धाम बघमार थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. परदेशी राम वर्मा भिलाई ने की। अतिथियों में डॉ. महेन्द्र ठाकुर वरिष्ठ साहित्यकार एवं रिटायर्ड कमिश्नर सेल टेक्स रायपुर, आत्माराम कोशा 'अमात्य' जिला समन्वयक, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग राजनांदगाँव, डॉ. सियाराम साहू जिला समन्वयक, खैरागढ़ एवं कु. देवकी ठाकुर सरपंच, ग्राम पंचायत कोहंगाटोला मंच पर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
संस्था के 25 वर्षों के स्वर्णिम सफर की रेखांकन
संस्था के गठन से लेकर अब तक लगातार 25 वर्षों से अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रहे डॉ. अशोक आकाश ने अपने स्वागत एवं अध्यक्षीय प्रतिवेदन में मधुर साहित्य परिषद् की 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा का विस्तृत खाका खींचा। उन्होंने परिषद् की स्थापना, लोक साहित्य के संरक्षण हेतु किए गए प्रयासों और ढाई दशकों के अपने दीर्घतम अनुभवों को साझा करते हुए भावुक एवं प्रेरणादायी उद्बोधन देते साहित्य के माध्यम से समाज में लाये गये बदलाव का वर्णन किया।
*पुस्तक विमोचन, सम्मान एवं विचार-गोष्ठी*
समारोह में मधुर साहित्य परिषद् जिला बालोद की वार्षिक पत्रिका अनहद का विमोचन किया गया।
*विशिष्ट प्रतिभाओं का सम्मान*
साहित्य, संगीत और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली उत्कृष्ट हस्तियों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया:
इनमें सुप्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी फिल्म गीतकार विष्णु कोठारी 'मीत', सुप्रसिद्ध छंद-विद् अजय अमृतांशु जिला समन्वयक भाठापारा, शरद यादव 'अक्स' अध्यक्ष, कृति कला एवं साहित्य परिषद् सीपत, बिलासपुर, ओमप्रकाश साहू अंकुर अध्यक्ष - साकेत साहित्य परिषद, सुरगी जिला राजनांदगाँव,वरिष्ठ कवयित्री डॉ. माधवी गणवीर डोंगरगॉंव एवं कामता प्रसाद देशलहरे खलारी, बालोद।
पत्रकारिता जगत: सतीश रजक जिला रिपोर्टर दैनिक पत्रिका, मनीष साहू सम्पादक, द छत्तीसगढ़ का सम्मान किया गया।
विचार-गोष्ठी: छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं संगीत का साहित्य पर प्रभाव
समारोह के अंतर्गत आयोजित विचार-गोष्ठी में वक्ता डॉ. सियाराम साहू एवं आत्माराम कोशा 'अमात्य' ने विषय— "छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं संगीत का छत्तीसगढ़ी साहित्य पर प्रभाव" पर अपना सारगर्भित विचार रखा।
वक्ताओं ने रेखांकित करते वरिष्ठ साहित्यकार आत्माराम कोशा अमात्य ने कहा कि छत्तीसगढ़ी लोकगीत जैसे ददरिया, सुआ, करमा, भरथरी मनोरंजन का साधन ही नहीं हैं, बल्कि वे छत्तीसगढ़ी साहित्य की रीढ़ हैं। डॉ.सियाराम साहू ने कहा कि लोक संगीत की लयबद्धता और माटी की खुशबू ने आधुनिक छत्तीसगढ़ी कविताओं और गद्य साहित्य को समृद्ध, जीवंत और जन-जन से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है।
प्रथम सत्र के अंत में विख्यात लोकगायिका सुश्री रानू निषाद द्वारा विश्व विख्यात लोकनेत्री स्व. तीजन बाई को पंडवानी गायन के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
प्रथम सत्र संचालन: देव जोशी 'गुलाब' महासचिव, मधुर साहित्य परिषद् जिला बालोद ने किया।
*द्वितीय सत्र:*
द्वितीय सत्र में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता संस्था प्रमुख डॉ. अशोक आकाश ने की। मुख्य अतिथि इकबाल खान तन्हा रहे।
विशेष अतिथियों की उपस्थिति: ओमप्रकाश साहू 'अंकुर' अध्यक्ष, साकेत साहित्य परिषद् सुरगी, महेन्द्र बघेल अध्यक्ष, शिवनाथ साहित्य धारा डोंगरगॉंव, बुटू राम पूर्णे वरिष्ठ साहित्यकार रायपुरा, जयकान्त पटेल प्रेरणा साहित्य समिति बालोद, कन्हैया लाल बारले अध्यक्ष, मधुर साहित्य परिषद् तहसील इकाई डौंडी लोहारा।
श्रद्धांजलि प्रस्तुति: पद्म विभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि स्वरूप रानू निषाद (प्राचार्य, कला केन्द्र बालोद) द्वारा प्रस्तुत पंडवानी/सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
पुस्तक प्रदर्शनी: डॉ. इकबाल खान 'तन्हा' अध्यक्ष, वनांचल साहित्य समिति मोहला के संयोजन में लगाई गई पुस्तक प्रदर्शनी श्रोताओं एवं साहित्यप्रेमी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही।
कवि सम्मेलन: मंच पर आमंत्रित कवियों ने अपनी रचनाओं, हास्य-व्यंग्य, गीतों एवं छन्दों के माध्यम से देर रात तक श्रोताओं को बाँधे रखा।
कवि सम्मेलन सत्र संचालन: वीरेंद्र अजनबी, हर्षा देवांगन एवं लालेश्वर 'अरुणाभ'।
समारोह का समापन
रजत जयंती के इस ऐतिहासिक आयोजन के अंत में मधुर साहित्य परिषद् के अध्यक्ष डॉ. अशोक आकाश ने उपस्थित सभी अतिथियों, रचनाकारों, पत्रकारों, दूर-दराज से आए साहित्यप्रेमियों एवं ग्रामवासियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए सभा के सफल समापन की घोषणा की।
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