*भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे की शिकायत पर कमिश्नर के विरुद्ध जांच प्रक्रिया तेज*
दुर्ग नगर निगम के बहुचर्चित ठगड़ा बांध प्रकरण में दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे द्वारा की गई शिकायत पर अब राज्य शासन स्तर पर गंभीरता से कार्रवाई प्रारंभ हो गई है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संज्ञान में लाए गए इस मामले में छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत प्रतिवेदन तलब किया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने दिनांक 17 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री को विस्तृत शिकायत प्रस्तुत कर दुर्ग नगर निगम के आयुक्त सुमित अग्रवाल की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाए थे।शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ठगड़ा बांध से जुड़े मामलों में प्रशासनिक पारदर्शिता का अभाव रहा है तथा विभिन्न निर्णयों में नियमों एवं प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से कार्य किया गया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया था कि नगर निगम प्रशासन द्वारा तथ्यों को छिपाते हुए भ्रामक एवं झूठे स्पष्टीकरण जारी किए गए,जिससे न केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास हुआ बल्कि प्रदेश की भाजपा सरकार की छवि को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों की अवहेलना करते हुए जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती गई।शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर द्वारा पहले डॉ. प्रतीक उमरे से शिकायत के समर्थन में दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया था।इसके बाद प्रस्तुत अभिलेखों एवं तथ्यों के आधार पर विभागीय स्तर पर प्रकरण की समीक्षा की गई।इसी क्रम में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नवीन पत्र क्रमांक ESTB-1024(1)/287/2026-GAD-2, दिनांक 11 जून 2026 के माध्यम से जिला कलेक्टर दुर्ग को निर्देशित किया गया है कि शिकायत में उल्लिखित बिंदुओं की विधिवत जांच कर अपना अभिमत सहित प्रतिवेदन शीघ्र शासन को उपलब्ध कराएं। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि पूर्व में भी इस संबंध में जांच प्रतिवेदन मांगा गया था,किंतु अपेक्षित जानकारी प्राप्त नहीं होने के कारण पुनः अनुस्मारक जारी किया गया है ताकि प्रकरण में आगामी कार्रवाई की जा सके।