*ब्लड के एक-एक बूंद के लिए तरस गई युवती.. चली गई जान.. ब्लड बैंकों पर उठे गंभीर सवाल..*

*ब्लड के एक-एक बूंद के लिए तरस गई युवती.. चली गई जान.. ब्लड बैंकों पर उठे गंभीर सवाल..*

*ब्लड के एक-एक बूंद के लिए तरस गई युवती.. चली गई जान.. ब्लड बैंकों पर उठे गंभीर सवाल..*
*ब्लड के एक-एक बूंद के लिए तरस गई युवती.. चली गई जान.. ब्लड बैंकों पर उठे गंभीर सवाल..* 
खरोरा 
बीते दिनों दुर्ग के जिला अस्पताल से एक झकझोर कर देने वाला मामला सामने आया जिसमें एक 22 वर्षीय युवती दीपिका ने ब्लड की कमी के चलते अपना दम तोड़ दिया।

इस मामले पर संजीवनी रक्तदाता संघ तिल्दा नेवरा के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह चौहान ने अस्पताल प्रशासन एवं ब्लड बैंकों की लापरवाही की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे ब्लड बैंकों का क्या मतलब जो रक्त की कमी के चलते एक युवती की जान चली गई उनको एक यूनिट ब्लड भी उपलब्ध नहीं हो पाया ऐसे में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा किए गए मेहनत का कोई सकारात्मक परिणाम ही नहीं मिल पा रहा जो अनगिनत शिविर लगाकर सैकड़ो तादाद में ब्लड यूनिट ब्लड बैंकों को भेजते हैं ताकि आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंद को रक्त मुहैया हो सके और उनकी जान बचाई जा सके। 

साथ ही मरीजों को अन्य सभी रक्त संबंधित बीमारी जैसे सिकल सेल ,एनीमिया थैलेसीमिया, डिलीवरी केस, एक्सीडेंटल केस इत्यादि के लिए भी पर्याप्त मात्रा में ब्लड की सप्लाई ब्लड बैंकों को दी जाती है। फिर भी इस प्रकार की लापरवाही के चलते किसी की जान चली जाए तो ऐसे में यह घोर निंदनीय है।

श्री चौहान ने दिवंगत युवती को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आगे कहा कि अस्पताल प्रशासन एवं ब्लड बैंकों के इंचार्ज पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जिनकी लापरवाही के चलते एक निर्दोष की जान चली गई।

श्री रोहित शर्मा जी की खबर

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