*मानवता की मिसाल बने डॉ. हरीश वर्मा, नन्हीं बेटियों के साथ मिलकर जरूरतमंद परिवारों का बन रहे सहारा*

*मानवता की मिसाल बने डॉ. हरीश वर्मा, नन्हीं बेटियों के साथ मिलकर जरूरतमंद परिवारों का बन रहे सहारा*

*मानवता की मिसाल बने डॉ. हरीश वर्मा, नन्हीं बेटियों के साथ मिलकर जरूरतमंद परिवारों का बन रहे सहारा*
प्रेस विज्ञप्ति

 *मानवता की मिसाल बने डॉ. हरीश वर्मा, नन्हीं बेटियों के साथ मिलकर जरूरतमंद परिवारों का बन रहे सहारा* 
ग्राम कठिया नंबर 1 निवासी संपत लाल उइके के पूजनीय माता जी के निधन के उपरांत परिवार पर आए आर्थिक संकट को देखते हुए समाजसेवी डॉ. हरीश वर्मा की पुत्रियाँ आरोही वर्मा एवं आर्वी वर्मा ने दशगात्र कार्यक्रम हेतु आवश्यक सामग्री प्रदान कर संवेदनशीलता और सेवा भावना का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस सहयोग से शोकाकुल परिवार को आर्थिक राहत मिली तथा कठिन समय में उन्हें संबल प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि डॉ. हरीश वर्मा द्वारा यह सेवा कार्य पहली बार नहीं किया गया है, बल्कि वे लगातार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के दशगात्र कार्यक्रमों में सहयोग करते हुए मानवीय मूल्यों को सशक्त कर रहे हैं। इसके साथ ही निर्धन एवं जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए फीस, कॉपी, पेन एवं अन्य
 शैक्षणिक सामग्री का प्रतिवर्ष वितरण कर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। डॉ. हरीश वर्मा का कहना है कि, "हम स्वयं को भाग्यशाली मानते हैं कि भगवान ने हमें लेने वालों में नहीं, बल्कि देने वालों में बनाया है।" उनके इस सेवा भाव एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। तिलक राम बघेल, धीरेंद्र कुमार वर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने डॉ. हरीश वर्मा एवं उनकी पुत्रियों आरोही वर्मा और आर्वी वर्मा को इस नेक कार्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा कि ऐसे सेवाभावी लोग समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं तथा उनका यह योगदान मानवता और सामाजिक संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

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