*राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी पर पर्दा डालना बंद करे प्रबंधन,भिलाई स्टील प्लांट में स्क्रैप चोरी की सीबीआई जांच हो – डॉ. प्रतीक उमरे*

*राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी पर पर्दा डालना बंद करे प्रबंधन,भिलाई स्टील प्लांट में स्क्रैप चोरी की सीबीआई जांच हो – डॉ. प्रतीक उमरे*

*राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी पर पर्दा डालना बंद करे प्रबंधन,भिलाई स्टील प्लांट में स्क्रैप चोरी की सीबीआई जांच हो – डॉ. प्रतीक उमरे*
*राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी पर पर्दा डालना बंद करे प्रबंधन,भिलाई स्टील प्लांट में स्क्रैप चोरी की सीबीआई जांच हो – डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने भिलाई स्टील प्लांट में सामने आ रहे स्क्रैप एवं लोहे की चोरी के मामलों को अत्यंत गंभीर बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग प्रधानमंत्री कार्यालय से किया जिसपर प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्यवाही के लिए इस्पात मंत्रालय के निदेशक गुरप्रीत गढ़ोक को अग्रेषित किया गया है।डॉ.प्रतीक उमरे ने कहा कि स्क्रैप एवं लोहे की चोरी के मामलों ने राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।यदि हजारों किलो लोहे और स्क्रैप की चोरी अथवा चोरी के प्रयास पकड़े जा रहे हैं, वाहनों को ब्लैक लिस्ट किया जा रहा है,उनके फोटो सार्वजनिक रूप से लगाए जा रहे हैं,तो फिर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? यह दोहरा रवैया समझ से परे है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं,बल्कि देश की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति है।यहां होने वाली चोरी सीधे तौर पर देश की जनता के धन और संसाधनों की चोरी है। यदि ऐसे मामलों में केवल औपचारिक कार्रवाई कर प्रकरणों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, तो यह अत्यंत चिंताजनक विषय है।राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या पक्षपात स्वीकार नहीं किया जा सकता।उन्होंने कहा कि पूरे मामले में सीआईएसएफ, सुरक्षा तंत्र एवं प्लांट प्रबंधन की भूमिका की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी या दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं हो सकता।छोटे मामलों में त्वरित कार्रवाई और बड़े मामलों में केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित रहना व्यवस्था की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न करता है।इससे यह आशंका भी पैदा होती है कि कहीं न कहीं संगठित स्तर पर चोरी के नेटवर्क को संरक्षण तो नहीं मिल रहा है।

डॉ. प्रतीक उमरे ने प्रधानमंत्री कार्यालय को ज्ञापन प्रेषित कर निम्न मांगें रखी हैं—

• भिलाई स्टील प्लांट में स्क्रैप एवं लोहे की चोरी से जुड़े सभी मामलों की सीबीआई अथवा स्वतंत्र एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
• सीआईएसएफ एवं बीएसपी प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए।
• जिन मामलों में चोरी या चोरी के प्रयास के प्रमाण मिले हैं, उनमें तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
• दोषियों एवं उनके संरक्षकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
• भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आधुनिक एवं पारदर्शी सुरक्षा प्रणाली लागू की जाए।

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