*भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने कार्यशील मीटर बदलने की प्रक्रिया पर विद्युत विभाग एवं ठेकेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाया*

*भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने कार्यशील मीटर बदलने की प्रक्रिया पर विद्युत विभाग एवं ठेकेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाया*

*भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने कार्यशील मीटर बदलने की प्रक्रिया पर विद्युत विभाग एवं ठेकेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाया*
*भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने कार्यशील मीटर बदलने की प्रक्रिया पर विद्युत विभाग एवं ठेकेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाया*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने कार्यशील मीटर बदलने की प्रक्रिया पर विद्युत विभाग एवं ठेकेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उपभोक्ता के घर में पहले ही कार्यशील मीटर लगाया जा चुका है,तो बार-बार मीटर बदलने की आवश्यकता क्या है? विद्युत विभाग को इसका स्पष्ट तकनीकी एवं प्रशासनिक कारण सार्वजनिक करना चाहिए।अनेक उपभोक्ताओं के घरों में पूर्व में भी मीटर बदले जा चुके हैं। ऐसे में बार-बार मीटर बदलने की आवश्यकता को लेकर जनता के मन में स्वाभाविक प्रश्न उठ रहे हैं।यदि वर्तमान मीटर सही तरीके से कार्य कर रहा है और उसका जीवनकाल शेष है,तो केवल मीटर परिवर्तन के लिए मीटर परिवर्तन करना संसाधनों की बर्बादी प्रतीत होता है।विद्युत विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पुराने मीटरों में ऐसी कौन-सी तकनीकी कमी है जिसके कारण उन्हें पुनः बदला जा रहा है।साथ ही इस पूरी प्रक्रिया पर होने वाले खर्च और उससे उपभोक्ताओं को होने वाले वास्तविक लाभ की जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।बिना पर्याप्त जनजागरूकता,स्पष्ट जानकारी एवं लिखित सूचना के उपभोक्ताओं के घरों में पहुंचकर मीटर बदलने का प्रयास किया जा रहा है,जिससे आम नागरिकों में भ्रम और असंतोष की स्थिति निर्मित हो रही है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि विद्युत विभाग का दायित्व है कि किसी भी व्यवस्था को लागू करने से पूर्व उपभोक्ताओं को उसके लाभ,नियम,शर्तें एवं संभावित प्रभावों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।अनेक स्थानों पर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि ठेकेदार एजेंसियों के कर्मचारी बिना पर्याप्त जानकारी दिए मीटर बदलने का दबाव बना रहे हैं।यह तरीका पारदर्शी प्रशासन और उपभोक्ता अधिकारों की भावना के विपरीत है।उन्होंने कहा कि आम जनता के मन में स्मार्ट मीटर को लेकर पहले से अनेक प्रश्न हैं,जैसे बिजली बिल पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा,डेटा की निगरानी कैसे होगी,तकनीकी खराबी आने पर जिम्मेदारी किसकी होगी तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण किस प्रकार किया जाएगा।इन प्रश्नों के समाधान के बजाय विभाग द्वारा पर्याप्त संवाद स्थापित नहीं किया जा रहा है जिससे जनता में अविश्वास बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि केवल ठेकेदारों के माध्यम से कार्य कराकर विद्युत विभाग अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकता।उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में मीटर बदलने की आवश्यकता है तो वहां उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों एवं शिकायत निवारण की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी नागरिक पर अनावश्यक दबाव न बनाया जाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं जनहितकारी हो।डॉ. प्रतीक उमरे ने ऊर्जा (विद्युत) विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव से मांग किया है कि मीटर बदलने की समीक्षा कर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करें तथा विभागीय और ठेकेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाया जाए।

Ads Atas Artikel

Ads Atas Artikel 1

Ads Center 2

Ads Center 3