*मन का पर्यावरण शुद्ध होगा तभी प्रकृति होगी सुरक्षित - बीके स्वाति दीदी*
5 जून 2026बिलासपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बिलासपुर टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन में एक विशेष आध्यात्मिक एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल बाहरी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि मानव मन और प्रकृति के गहरे आध्यात्मिक संबंध को समझाते हुए “मन के पर्यावरण” को भी शुद्ध बनाने का संदेश देना था।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी भाई-बहनों ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अपने विचारों को सकारात्मक, शांत एवं पवित्र बनाए रखने का संकल्प लिया। सेवाकेंद्र संचालिका बीके स्वाति दीदी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण के अनुसार मानव के विचार केवल उसके व्यक्तित्व को ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण प्रकृति को भी प्रभावित करते हैं। जब मनुष्य का मन तनाव, क्रोध, भय एवं नकारात्मकता से भर जाता है, तब उससे उत्पन्न होने वाले सूक्ष्म प्रकंपन (वाइब्रेशन्स) प्रकृति के पांचों तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु एवं आकाश—पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। वहीं शुद्ध, शांत और प्रेमपूर्ण विचार प्रकृति में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा संतुलन और सामंजस्य को बढ़ावा देते हैं।
इसी आध्यात्मिक सिद्धांत को व्यवहार में लाने हेतु कार्यक्रम के दौरान एक अत्यंत रचनात्मक एवं अनुभूतिपूर्ण कमेंट्री का संचालन किया गया। इसके माध्यम से उपस्थित साधकों ने राजयोग ध्यान का अभ्यास करते हुए प्रकृति के पांचों तत्वों को शांति, शक्ति और सकारात्मकता के दिव्य संकल्पों का संचार किया। साथ ही प्रकृति द्वारा मानव जीवन को प्रदान किए गए अमूल्य उपहारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त किया एवं उसके धैर्य, शीतलता, सहनशीलता और परोपकार जैसे दिव्य गुणों को अपने जीवन में धारण करने का संकल्प लिया।
आगे दीदी ने कहा, की “आज केवल वृक्षारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें अपने मन के पर्यावरण को भी स्वच्छ बनाना होगा। जब हमारी सोच सतोप्रधान, सकारात्मक और कल्याणकारी होगी, तब हमारी शुभ तरंगें सम्पूर्ण सृष्टि को ऊर्जावान एवं शक्तिशाली बनाएंगी। वर्तमान समय में वैश्विक तापमान (ग्लोबल वार्मिंग) को कम करने के साथ-साथ वैचारिक तापमान को कम करना भी उतना ही आवश्यक है। मन की शांति और प्रकृति का संतुलन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।”
कार्यक्रम के समापन पर सभी भाई-बहनों ने सामूहिक रूप से प्रतिदिन राजयोग ध्यान के माध्यम से प्रकृति को सकारात्मक वाइब्रेशन्स प्रदान करने, पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने तथा स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।
ईश्वरीय सेवा में
बीके स्वाति दीदी
राजयोग भवन,