दल्लीराजहरा: सुरक्षा मानकों के पालन और बुनियादी समस्याओं के समाधान हेतु "लौह अयस्क समूह" माइनिंग एसोसिएशन का हुआ गठन; प्रबंधन को सौंपा पत्र
दल्लीराजहरा: सुरक्षा मानकों के पालन और बुनियादी समस्याओं के समाधान हेतु "लौह अयस्क समूह" माइनिंग एसोसिएशन का हुआ गठन; प्रबंधन को सौंपा पत्र
दल्लीराजहरा। लौह अयस्क समूह, दल्लीराजहरा की समस्त खदानों में कार्यरत सक्षम एवं वैधानिक अधिकारियों ने मिलकर एक नए सामाजिक व माइनिंग संगठन “लौह अयस्क समूह” माइनिंग एसोसिएशन (IOC Mining Association) का गठन किया है। इस एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य सभी सक्षम व्यक्तियों को एक सकारात्मक सामाजिक पर्यावरण प्रदान करना और उनकी बुनियादी व व्यावहारिक समस्याओं का निराकरण करना है।
गौरतलब है कि दल्लीराजहरा की खदानों में खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के खान नियम-1955 (Mines Rules-1955), खान विनियम-1961 (Mines Regulations-1961) तथा खान अधिनियम-1952 (Mines Act-1952) के पूर्णतः पालन हेतु प्रतिनिधि के रूप में लगभग 116 माइनिंग फोरमेन, माइनिंग मेट, ब्लास्टर एवं सर्वेयर वैधानिक पदों पर कार्यरत हैं। ये सभी सक्षम अधिकारी खदानों के सुरक्षित संचालन और वैधानिक कार्यप्रणाली में अत्यंत अहम भूमिका निभाते हैं।
एसोसिएशन के गठन के उपरांत, दिनांक 22 जून 2026 को “लौ.अ.स. माइनिंग एसोसिएशन” के एक प्रतिनिधिमंडल ने कार्मिक विभाग (Personnel Department) में उप प्रबंधक श्री शैलेश पटनायक एवं सुश्री सिरिन मैडम से मुलाकात की। इस दौरान पत्र के माध्यम से संगठन के विधिवत गठन की आधिकारिक सूचना दी गई। इसके साथ ही, एसोसिएशन द्वारा अपनी आंतरिक बैठक में चर्चा किए गए प्रमुख मुद्दों और मांगों से संबंधित एक पत्र भी प्रबंधन को सौंपा गया।
पत्र सौंपे जाने के बाद कार्मिक विभाग के उप प्रबंधक श्री शैलेश पटनायक ने एसोसिएशन की मांगों और मुद्दों पर बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि इन विषयों की संवेदनशीलता को देखते हुए वे जल्द ही इस पर मुख्य महाप्रबंधक (CGM) महोदय से विस्तृत चर्चा करेंगे।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान "लौह अयस्क समूह" माइनिंग एसोसिएशन की ओर से संगठन के अध्यक्ष श्री यशपाल सिंह, कोषाध्यक्ष श्री लक्ष्मी कान्त रौतेल, सदस्य मंजीत कुमार, चंदूलाल मुरमू, गगन वर्मा, ओमप्रकाश सिंह, अशोक दास, डोमेन्द्र दास सहित भारी संख्या में अन्य सदस्य व पदाधिकारी उपस्थित रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि प्रबंधन के सकारात्मक रुख से कर्मियों की समस्याओं का जल्द ही उचित समाधान निकलेगा।