*लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी,अधिकारी जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें – डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने सुशासन तिहार को जनता की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण अभियान बताते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चलाया जा रहा यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जनता के विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि प्रदेश सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान शिविरों के माध्यम से त्वरित रूप से हो। इसके लिए सभी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करना होगा।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही,टालमटोल या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लगाए जा रहे शिविरों में पेयजल,सड़क, बिजली,राशन कार्ड,आयुष्मान कार्ड,सामाजिक पेंशन,राजस्व प्रकरण,स्वच्छता,आवास योजना,पेंशन,नामांतरण,सीमांकन तथा अन्य जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।जनता सरकार से उम्मीद लेकर शिविरों में पहुंचती है, इसलिए अधिकारियों का व्यवहार सकारात्मक और समाधानकारी होना आवश्यक है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ,सबका विकास,सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन नीति के अनुरूप प्रशासन को जनसेवा की भावना के साथ कार्य करना चाहिए।सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे,यही सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य है।शिविरों में प्राप्त शिकायतों का केवल पंजीयन न किया जाए बल्कि समयसीमा के भीतर उनका वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।कई बार देखने में आता है कि आवेदन लेकर फाइलें लंबित कर दी जाती हैं,जिससे जनता में असंतोष पैदा होता है।इस प्रकार की कार्यप्रणाली से शासन की छवि प्रभावित होती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे सुशासन तिहार शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन के सामने रखें, ताकि शासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके।सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं,बल्कि आम जनता तक उसका प्रभावी लाभ पहुंचाना है।अधिकारी जनसेवक की भूमिका निभाते हुए पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करें तभी सुशासन तिहार अपने उद्देश्य में सफल होगा।