*अजीबोगरीब नाम देकर क्रांति का नाटक युवाओं को गुमराह करने का प्रयास - डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने “कॉकरोच जनता पार्टी” नामक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे व्यंग्यात्मक आंदोलन पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र कोई सर्कस या मीम फैक्ट्री नहीं है,जहां कोई भी उठकर अजीबोगरीब नाम रखकर खुद को क्रांतिकारी घोषित कर दे।कॉकरोच जनता पार्टी नामक यह तथाकथित आंदोलन लोकतंत्र की गरिमा का मजाक उड़ाने के सिवाय कुछ नहीं है।बेरोजगारी और युवा निराशा जैसे गंभीर मुद्दों को हल करने के बजाय उन्हें मीम, रील और व्यंग्य का विषय बनाकर कुछ लोग राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी को तोड़-मरोड़कर और उसका राजनीतिकरण करके एक फर्जी पार्टी खड़ी करने का प्रयास युवा वर्ग को गुमराह करने की सोची-समझी रणनीति है।यह मात्र एक सोशल मीडिया मीम और पैरोडी है,जिसका उद्देश्य युवाओं की बेरोजगारी की पीड़ा को हल करना नहीं,बल्कि इसे सनसनीखेज बनाने का है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि जिन मुद्दों पर ये लोग शोर मचा रहे हैं,उनमें से अधिकांश पर मोदी सरकार पहले ही काम कर रही है।नीट घोटाले की जांच हो रही है,बेरोजगारी कम करने के लिए स्किल इंडिया,स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।लेकिन कुछ तत्व युवाओं को आशा देने के बजाय निराशा और क्रोध का बाजार गरम कर रहे हैं।उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे फर्जी और हास्यास्पद आंदोलनों से दूर रहें जो “आलसी और बेरोजगारों की आवाज” का नारा देकर उन्हें और अधिक आलस्य और हताशा की ओर धकेल रहे हैं।सच्ची क्रांति मीम्स और रील्स से नहीं,मेहनत,शिक्षा,कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण की भावना से आती है।कॉकरोच जनता पार्टी का यह सर्कस युवा ऊर्जा को बर्बाद करने का प्रयास है।डॉ. प्रतीक उमरे ने सभी युवाओं,छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखें और ऐसे तत्वों से सावधान रहें जो गंभीर मुद्दों को भी मनोरंजन और राजनीतिक नाटक बना देते हैं।