बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर सम्पूर्ण विश्व के 15 करोड़ लोगो ने किया गायत्री महायज्ञ.

बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर सम्पूर्ण विश्व के 15 करोड़ लोगो ने किया गायत्री महायज्ञ.

बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर सम्पूर्ण विश्व के 15 करोड़ लोगो ने किया गायत्री महायज्ञ.

बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर सम्पूर्ण विश्व के 15 करोड़ लोगो ने किया गायत्री महायज्ञ.

गायत्री परिवार का गृहे-गृहे गायत्री महायज्ञ का आयोजन, जनकल्याण हेतु डाली आहूति .


भिलाई- अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में विगत 2016 से वैशाख पूर्णिमा के दिन बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर सम्पूर्ण विश्व के 15 करोड़ से भी अधिक गायत्री परिजन, अखण्ड ज्योति व युगनिर्माण योजना पत्रिका के सक्रीय सदस्यों द्वारा विश्वकल्याण हेतु गृहे-गृहे (घर-घर गायत्री यज्ञ ) गायत्री यज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया गया . इसी क्रम में आज 1 मई 2026 को बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर दुर्ग,भिलाई ,बेमेतरा बालोद,बस्तर सहित पुरे छत्तीसगढ़ में 5 लाख गायत्री परिजनों द्वारा गृहे-गृहे (घर-घर गायत्री यज्ञ ) गायत्री यज्ञ अनुष्ठान अभियान में शामिल होकर समस्त प्राणी जगत के कल्याण,सुख-शांति ,समृद्धि के लिए प्रार्थना कर यज्ञ भगवान को आहूति समर्पित किया गया. उद्देश्य एक ही था "मानव में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग सा वातावरण बने. सामूहिक प्रयास करते रहे, सफलता आज नहीं तो कल निश्चित ही मिलेगा इस भावना के साथ दुर्ग - भिलाई में 5 हजार देव परिवार द्वारा गृहे-गृहे गायत्री यज्ञ किया गया. यज्ञ के लिए योग्य पंडित,पुरोहित उपलब्ध नहीं हो सका वहाँ लोग अपने से अथवा मोबाइल के माध्यम से यज्ञ किये. गायत्री परिवार के इस महाआभियान की पूर्णाहुति के समय देव दक्षिणा में अगर कोई मादक पदार्थ का नशा करते हो , कोई आंतरिक व बाह्य दुर्गुण हो उसे छोड़ने का संकल्प दिलाया गया साथ ही अपने इष्टदेव तथा अपने गुरु का स्मरण कर दैनिक उपासना-साधना के सद्गुण अपनाने हेतु प्रेरित किया गया. शांति अभिशिंचन के समय "जल है तो कल है और जल है तो हम है का संकल्प लेते जयकारा लगाया गया. गायत्री परिवार द्वारा अपील किया गया कि पानी में जितना अधिकार हमारा है उतना ही अधिकार सभी पशु पक्षियों का भी है इसलिए पानी की बचत करें ,पानी को सहेज कर रखें,उसका सदुपयोग करें,व्यर्थ में पानी न बहायें , मूक प्राणियों पर दया करे,उसे जल दे, आहार दें तभी हम लोगो द्वारा डाली गई आहुतियाँ यज्ञ देव को स्वीकार होगा और विश्व कल्याण हेतु किया गया यह प्रयास सफल माना जायेगा. यज्ञ प्रारंभ के पूर्व शांतिकुंज हरिद्वार से प्रेषित श्रद्धेय डॉक्टर प्रणव पंड्या,श्रद्धेया शैल बाला पाण्ड्य जीजी, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉक्टर चिन्मय पंड्या जी का संदेश सुनाया गया . आरती,शांतिपाठ के बाद व्यवस्थानुरूप प्रसाद वितरण किया गया.

धन्यवाद,

(मोहन उमरे )

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