*प्रेस विज्ञप्ति*
*बच्चों की सुरक्षा किसी भी कीमत पर समझौता का विषय नहीं हो सकती - डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने भीषण गर्मी के लगातार बढ़ते प्रकोप के बावजूद स्कूलों के समय में परिवर्तन नहीं किए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए उनकी गैर-जिम्मेदाराना और संवेदनहीन कार्यशैली की तीखी आलोचना की है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि वर्तमान में जिले में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा रहा है और आने वाले दिनों में और भी वृद्धि की संभावना है।ऐसी स्थिति में छोटे बच्चों को दोपहर की प्रचंड गर्मी में स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है।लू लगने,डिहाइड्रेशन,थकान और अन्य गर्मी से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है फिर भी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा स्कूलों के समय में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सुबह के समय स्कूल संचालन करना वर्तमान परिस्थितियों में अत्यंत आवश्यक है।सुबह 7:00 बजे से 11 बजे तक या इससे पहले समय निर्धारित करके बच्चों को दोपहर की भीषण गर्मी से बचाया जा सकता है।लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी की उदासीनता और संवेदनहीनता इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह से उजागर हो रही है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि शिक्षा विभाग का मुख्य दायित्व बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया तो बच्चों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ होगा और इसके लिए पूर्ण रूप से जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा अधिकारी जवाबदेह होंगे।डॉ. प्रतीक उमरे ने जिला प्रशासन से मांग किया कि तुरंत स्कूल समय में संशोधन कर सुबह के समय कक्षाएं संचालित करने के निर्देश जारी किए जाएं।बच्चों की सुरक्षा किसी भी कीमत पर समझौता का विषय नहीं हो सकती है।