*ग्राम असौंदा की बेटी मोनिका वर्मा ने रचा सफलता का इतिहास : 12वीं बोर्ड में 92.6% अंक हासिल कर विद्यालय, गांव और तिल्दा विकासखंड का बढ़ाया मान*

*ग्राम असौंदा की बेटी मोनिका वर्मा ने रचा सफलता का इतिहास : 12वीं बोर्ड में 92.6% अंक हासिल कर विद्यालय, गांव और तिल्दा विकासखंड का बढ़ाया मान*

 *ग्राम असौंदा की बेटी मोनिका वर्मा ने रचा सफलता का इतिहास : 12वीं बोर्ड में 92.6% अंक हासिल कर विद्यालय, गांव और तिल्दा विकासखंड का बढ़ाया मान*
प्रेस विज्ञप्ति
 *ग्राम असौंदा की बेटी मोनिका वर्मा ने रचा सफलता का इतिहास : 12वीं बोर्ड में 92.6% अंक हासिल कर विद्यालय, गांव और तिल्दा विकासखंड का बढ़ाया मान* 
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय असौंदा की प्रतिभाशाली छात्रा मोनिका वर्मा ने हायर सेकेंडरी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 500 में से 463 अंक प्राप्त कर 92.6 प्रतिशत अंकों के साथ विद्यालय में श्रेष्ठ स्थान अर्जित किया है। ग्राम असौंदा की इस होनहार बेटी ने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर न केवल अपने विद्यालय बल्कि पूरे गांव एवं विकासखंड तिल्दा का गौरव बढ़ाया है।
अपनी सफलता के पीछे मोनिका वर्मा ने अपने माता-पिता के आशीर्वाद, विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन को सबसे बड़ा योगदान बताया। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, शिक्षकों के सहयोग और परिवार के सतत प्रोत्साहन से यह उपलब्धि संभव हो सकी। उल्लेखनीय है कि मोनिका वर्मा ने इससे पूर्व दो वर्ष पहले कक्षा दसवीं की परीक्षा में भी 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया था, जिससे उनकी प्रतिभा पहले ही सिद्ध हो चुकी थी।
मोनिका ने अपनी इस सफलता को भविष्य की बड़ी उड़ान की शुरुआत बताते हुए इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा व्यक्त की है। उनका सपना है कि उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर वे इंजीनियर बनें और अपने परिवार, गांव तथा क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करें। उनकी यह महत्वाकांक्षा न केवल उनकी दूरदर्शिता को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देती है। छात्रा की इस शानदार सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य खिलेश्वर कुमार जायसवाल सहित समस्त शिक्षकगणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस गौरवपूर्ण अवसर पर पिता सुनील कुमार वर्मा, माता योगेश्वरी वर्मा, दादा थानूराम वर्मा, दादी उमा वर्मा तथा मामा धीरेंद्र कुमार वर्मा सहित समस्त परिवारजनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए मोनिका को बधाई एवं शुभाशीष प्रदान किया। मोनिका वर्मा की यह उपलब्धि क्षेत्र की अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ संकल्प, सतत परिश्रम, परिवार का सहयोग और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो ग्रामीण परिवेश की बेटियां भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकती हैं।

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