*ई-केवाईसी के लिए ‘लू’ में घंटों लाइन में खड़ी महिलाओं की परेशानी अस्वीकार्य – डॉ. प्रतीक उमरे*

*ई-केवाईसी के लिए ‘लू’ में घंटों लाइन में खड़ी महिलाओं की परेशानी अस्वीकार्य – डॉ. प्रतीक उमरे*

*ई-केवाईसी के लिए ‘लू’ में घंटों लाइन में खड़ी महिलाओं की परेशानी अस्वीकार्य – डॉ. प्रतीक उमरे*
*ई-केवाईसी के लिए ‘लू’ में घंटों लाइन में खड़ी महिलाओं की परेशानी अस्वीकार्य – डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने जिले के लोक सेवा केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों में ई-केवाईसी के नाम पर हो रही अव्यवस्थाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है।उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और ‘लू’ के बीच हजारों महिला हितग्राहियों को घंटों लाइन में खड़े रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है,जो न केवल अमानवीय है बल्कि जिला प्रशासन की तैयारी पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किए जाने के बाद से लोक सेवा केंद्रों में भारी भीड़ उमड़ रही है।लेकिन केंद्रों में न तो बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही पेयजल एवं छाया की समुचित सुविधा।महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों के साथ तेज धूप में घंटों इंतजार करने को विवश हैं,जिससे उनकी तबीयत खराब होने के मामले भी सामने आ रहे हैं।उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर सर्वर डाउन होने के कारण हितग्राहियों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है,क्योंकि उन्हें लंबी दूरी तय कर केंद्रों तक पहुंचना पड़ता है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीयन कराने के बाद पुनः लोक सेवा केंद्रों में ई-केवाईसी के लिए भेजा जा रहा है,जिससे प्रक्रिया और अधिक जटिल और समयसाध्य हो गई है।यह दोहरी प्रक्रिया महिलाओं के लिए अनावश्यक बोझ बन रही है।उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या को तत्काल संज्ञान में लेते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि महिलाओं को इस तरह की असुविधा और जोखिम का सामना न करना पड़े तथा आंगनबाड़ी और लोक सेवा केंद्रों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।

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