*नारीशक्ति के सपनों पर कांग्रेस और विपक्ष ने किया कुठाराघात: तारणी चंद्राकर*
*बालोद :-* नारीशक्ति वंदन अधिनियम को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच बालोद जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित रखा और आज जब देश की आधी आबादी को उनका हक मिलने का समय आया है तो विपक्ष इसमें अड़ंगेबाजी कर रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक नारीशक्ति वंदन अधिनियम लाकर महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का संकल्प लिया है। लेकिन विपक्षी दलों का रवैया हमेशा से नकारात्मक रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने हमेशा नारीशक्ति के उत्थान और उनके सपनों पर कुठाराघात किया है। जब-जब महिलाओं को नेतृत्व सौंपने की बात आई, कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने इसे ठंडे बस्ते में डालने का काम किया। यह उनकी महिला विरोधी मानसिकता का परिचायक है। जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर ने इस बात पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया कि संसद में इस अधिनियम की राह में जानबूझकर बाधाएं उत्पन्न की गईं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की महिलाएं देख रही हैं कि कौन उनके हक की बात कर रहा है और कौन केवल राजनीति। कांग्रेस ने अपने शासनकाल में इस बिल को पारित कराने की इच्छाशक्ति कभी नहीं दिखाई। एक तरफ 'लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ' जैसे नारे दिए जाते हैं, तो दूसरी तरफ संवैधानिक हक देने के समय पीछे हट जाते हैं। महिलाओं की भागीदारी के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है जिसे विपक्ष कमजोर करना चाहता है।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी चंद्राकर ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अधिनियम करोड़ों महिलाओं के सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता आने वाले समय में उन दलों को सबक सिखाएगी जिन्होंने नारीशक्ति के उत्थान के मार्ग में कांटे बोए हैं।