विपक्ष के राजनैतिक स्वार्थ की भेंट चढ़ा 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम', भाजपा ने खोला मोर्चा
बालोद। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लेकर विपक्ष के रुख पर कड़ा प्रहार किया गया। भाजपा नेताओं ने इस अधिनियम को ऐतिहासिक सुधार बताते हुए कहा कि विपक्ष ने अपने राजनैतिक स्वार्थ के कारण देश की आधी आबादी को नीति-निर्धारण में सक्रिय भागीदारी से वंचित रखा है।
इस महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित रहे:
श्रीमती नम्रता सिंह जी – अध्यक्ष, जिला पंचायत (मानपुर-मोहला-चौकी)
श्री राकेश 'छोटू' यादव जी – जिला महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी (बालोद)
श्री जितेंद्र साहू जी – जिला प्रवक्ता, भारतीय जनता पार्टी (बालोद)
श्री कमल पनपालिया जी – जिला मीडिया प्रभारी, भारतीय जनता पार्टी (बालोद)
श्रीमती माना टुवाणी जी – जिला अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा (बालोद)
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह अधिनियम भारत की नारी शक्ति के लिए एक 'महायज्ञ' के समान था, लेकिन 'INDI Alliance' ने अपनी राजनैतिक जमीन बचाने के लिए महिलाओं के हितों को दरकिनार कर दिया। नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने देश की बेटियों को 30 साल तक इंतज़ार करवाया और शीर्ष नेतृत्व में महिलाओं की काबिलियत पर शक कर अपनी महिला-विरोधी सोच को उजागर किया है।
प्रेस वार्ता में विपक्ष के पुराने इतिहास को याद दिलाते हुए कहा गया:
तुष्टीकरण की राजनीति: राजीव गांधी सरकार ने शाह बानो मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटकर मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का हनन किया था, जिसे मोदी सरकार ने 'ट्रिपल तलाक' पर बैन लगाकर ठीक किया।
संसद में अभद्रता: 1998 में विपक्षी नेताओं द्वारा बिल की कॉपी फाड़ना विरोध नहीं बल्कि महिलाओं का अपमान था।
दोहरा मापदंड: 2010 में राज्यसभा से बिल पास होने के बावजूद, कांग्रेस ने इसे 2014 तक लोकसभा में पेश नहीं होने दिया।
भाजपा पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि 2014 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के लिए शौचालय, गैस सिलेंडर, पानी की सप्लाई और बैंकिंग सिस्टम जैसी बुनियादी सुविधाओं पर काम कर असल सशक्तिकरण की नींव रखी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष भले ही इसे तकनीकी बातों में उलझाए, लेकिन देश की महिलाएं इस विश्वासघात को कभी माफ नहीं करेंगी।