गुंडरदेही नगर पंचायत में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर निंदा प्रस्ताव पारित; विपक्ष पर साधा निशाना
गुंडरदेही, छत्तीसगढ़ | 29 अप्रैल, 2026
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के अंतर्गत आने वाली नगर पंचायत गुंडरदेही की परिषद में आज एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में केंद्र सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में लाए गए 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण) के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं और विपक्षी गठबंधन के रुख को लेकर गहन चर्चा हुई।
विपक्ष की मानसिकता पर उठाए सवाल
परिषद की बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 10 के तहत सर्वसम्मति से एक निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला यह अधिनियम मातृशक्ति के उत्थान के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
पार्षदों ने प्रस्ताव के माध्यम से आरोप लगाया कि:
- विपक्षी 'इंडिया गठबंधन' ने इस महिला विरोधी मानसिकता के चलते संसद में इस अहम कदम को बाधित किया है।
- विपक्ष ने अपने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों को राष्ट्रहित से ऊपर रखा है।
- यह कृत्य न केवल महिलाओं के साथ छलावा है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी चोट है।
संकल्प: जनता के बीच ले जाएंगे मुद्दा
परिषद के सदस्यों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे विपक्ष के इस कथित 'दोहरे चरित्र' और महिला विरोधी रुख को समाज के हर वर्ग तक लेकर जाएंगे। प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया कि नगर पंचायत गुंडरदेही महिलाओं की सशक्त राजनीतिक भागीदारी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हस्ताक्षरित प्रस्ताव
बैठक के अंत में परिषद के लगभग सभी उपस्थित सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति दर्ज कराई। सदस्यों का कहना है कि जब तक महिलाओं को नीति-निर्माण में उनका उचित और संवैधानिक अधिकार नहीं मिल जाता, वे इस विषय पर अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे।