शिवाजी जयंती पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कूर्मी क्षत्रिय समाज का भव्य आयोजन, सकरौद (तहसील गुण्डरदेही) में सम्पन्न
प्रेस विज्ञप्ति
शिवाजी जयंती पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कूर्मी क्षत्रिय समाज का भव्य आयोजन, सकरौद (तहसील गुण्डरदेही) में सम्पन्न
सकरौद, तहसील गुण्डरदेही (जिला बालोद) में छत्तीसगढ़ प्रदेश कूर्मी क्षत्रिय समाज द्वारा शिवाजी जयंती का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम छत्रपति शिवाजी महाराज के तेल चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि विजय बघेल (अध्यक्ष, प्रदेश कूर्मी क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ एवं सांसद, लोकसभा दुर्ग) ने जनप्रतिनिधियों एवं समाज के वरिष्ठजनों को शाल, श्रीफल एवं शिवाजी महाराज की फोटो फ्रेम भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेन्द्र देशमुख (अध्यक्ष, प्रदेश कूर्मी क्षत्रिय समाज जिला बालोद) ने की।
विशिष्ट अतिथियों में गुरुदेव वीरेन्द्र, चेतन देशमुख (अध्यक्ष भाजपा बालोद), तारिणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, पुरुषोत्तम चंद्राकर, अशोक भारतीय, रीना देशमुख सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। वार्षिक सम्मेलन के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विकास, शिक्षा और संगठन की मजबूती पर विस्तृत चर्चा की गई।
अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि विजय बघेल ने कहा कि 19 फरवरी 1630 को जन्मे छत्रपति शिवाजी महाराज अदम्य इच्छाशक्ति के प्रतीक थे। 3 अप्रैल 1680 तक के अपने जीवनकाल में उन्होंने मात्र 50 वर्ष की आयु में ऐसा कार्य किया जो सदियों तक प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने समाज को संगठित होकर वीरता, सेवा और राष्ट्रहित की भावना से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कूर्मी समाज को सर्वशक्तिमान एवं संगठित बनाने में बालोद जिला अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि आज समाज के युवा राजनीति एवं सामाजिक सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो जागरूकता का प्रमाण है। उन्होंने उल्लेख किया कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल भी कूर्मी समाज से जुड़े रहे हैं, जिनकी राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में देवेन्द्र देशमुख, गोपेश्वर देशमुख, संतोष देशमुख, मिथलू देशमुख, यशवंत देशमुख, प्रीतम देशमुख, अनिल देशमुख सहित कूर्मी समाज के सैकड़ों गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। आयोजन उत्साह, गौरव एवं सामाजिक एकता के वातावरण में सम्पन्न