बेमेतरा:-नवकेशा पंचायत में 'लोकतंत्र' पर भारी 'पति-तंत्र', उपसरपंच समेत सभी पंचों ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी

बेमेतरा:-नवकेशा पंचायत में 'लोकतंत्र' पर भारी 'पति-तंत्र', उपसरपंच समेत सभी पंचों ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी

बेमेतरा:-नवकेशा पंचायत में 'लोकतंत्र' पर भारी 'पति-तंत्र', उपसरपंच समेत सभी पंचों ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
बेमेतरा:-नवकेशा पंचायत में 'लोकतंत्र' पर भारी 'पति-तंत्र', उपसरपंच समेत सभी पंचों ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी


मेघू राणा साजा (बेमेतरा) | साजा ब्लॉक के ग्राम पंचायत नवकेशा में पंचायत राज व्यवस्था मखौल बनकर रह गई है। यहाँ निर्वाचित सरपंच के स्थान पर उनके पति और सचिव की जुगलबंदी ने विकास कार्यों पर ताला जड़ दिया है। भ्रष्टाचार और मनमानी से त्रस्त उपसरपंच और सभी पंचों ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सामूहिक इस्तीफे का अल्टीमेटम दे दिया है।
सरपंच पति का 'अघोषित' शासन, नियम ताक पर
ग्रामीणों और पंचों का आरोप है कि सरपंच पति मोतीराम रजक (पूर्व सरपंच) पंचायत के हर निर्णय में अवैध हस्तक्षेप करते हैं। कलेक्टर जनदर्शन में हुई शिकायत के बाद जांच अधिकारी ने यह तर्क दिया कि मोतीराम वर्तमान में पंच हैं, इसलिए बैठक में रहते हैं। लेकिन पंचों का कहना है कि वे पंच की नहीं, बल्कि 'अघोषित सरपंच' की भूमिका निभाते हैं, जिससे निर्वाचित महिला सरपंच की भूमिका शून्य हो गई है।
कागजों में नाली, धरातल पर धूल: 2022-23 के कार्यों में गबन की आशंका
पंचायत में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। वर्ष 2022-23 के लिए स्वीकृत नाली निर्माण का कार्य आज तक धरातल पर शुरू ही नहीं हुआ है। ताज्जुब की बात यह है कि जांच अधिकारी के समक्ष संबंधित पक्षों ने कार्य शुरू न होना स्वीकार किया है, इसके बावजूद अब तक दोषियों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
सचिव पर गंभीर आरोप: न ग्राम सभा, न योजनाओं की जानकारी
पंचों ने सचिव चंद्रकांत साहू पर कर्तव्यहीनता के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि:
महीनों से न तो नियमित बैठकें हो रही हैं और न ही ग्राम सभा का आयोजन।
शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी गोपनीय रखी जाती है।
सचिव और सरपंच पति की मनमानी से गांव का विकास पूरी तरह ठप है।
पंचों का अल्टीमेटम: 'दोषियों को हटाओ या हमारा इस्तीफा लो'
उपसरपंच और पंचों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरपंच पति का हस्तक्षेप बंद नहीं हुआ और सचिव को तत्काल नहीं हटाया गया, तो वे सामूहिक रूप से अपने पदों का त्याग कर देंगे। उनका कहना है कि जब जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उनकी बात की कोई वैल्यू नहीं है, तो पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
जांच प्रतिवेदन जिला पंचायत भेजा गया है
"मामले की विधिवत जांच कर रिपोर्ट जिला पंचायत सीईओ को भेज दी गई है। सचिव और सरपंच पति पर आगे की कार्रवाई करना जिला पंचायत प्रशासन के क्षेत्राधिकार में है।"
— भारत दास वैष्णव, करारोपण अधिकारी, जनपद पंचायत साजा

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