प्रेस विज्ञप्ति
*नारी के संस्कार ही परिवार और समाज की दिशा तय करते हैं – बीके रुक्मणी दीदी*
रतनपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, रतनपुर सेवाकेन्द्र ब्राह्मण पारा, महामाया मंदिर के पास में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके वास्तविक आत्मबल, आध्यात्मिक शक्तियों और समाज निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाएँ एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता बीके रुक्मणी दीदी ने कहा कि महिला दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह दिन महिलाओं को उनके अंदर छिपी दिव्य शक्तियों को पहचानने और उन्हें जीवन में उपयोग करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हर नारी के अंदर प्रेम, करुणा, सहनशीलता और धैर्य जैसे अनेक गुण स्वाभाविक रूप से मौजूद होते हैं। यदि इन गुणों को आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से विकसित किया जाए तो नारी स्वयं भी खुश रह सकती है और अपने परिवार को भी सुखी बना सकती है।
बीके रुक्मणी दीदी ने कहा कि आज के समय में महिलाओं पर परिवार और समाज की कई जिम्मेदारियाँ होती हैं, जिसके कारण कभी-कभी तनाव और असंतुलन भी पैदा हो जाता है। ऐसे समय में आध्यात्मिकता महिलाओं को आंतरिक शांति और आत्मविश्वास प्रदान करती है। जब महिला अपने वास्तविक आत्मस्वरूप को समझती है, तब उसके जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है।
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि रिहाना बेगम, महिला मोर्चा, भाजपा मंत्री ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज महिलाएँ शिक्षा, प्रशासन, व्यापार और समाज सेवा जैसे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को प्रोत्साहन और सम्मान मिलना अत्यंत आवश्यक है, जिससे वे और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
विशिष्ट अतिथि इंदु यादव, वार्ड 2 पार्षद ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था महिलाओं को आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने का एक श्रेष्ठ मंच प्रदान करती है। यहाँ से मिलने वाले संस्कार और सकारात्मक विचार जीवन को संतुलित और खुशहाल बनाते हैं।
विशिष्ट अतिथि शोभा दुबे, वार्ड 4 पार्षद ने कहा कि आज के समय में महिलाओं के लिए मानसिक शांति और
सकारात्मक सोच बहुत जरूरी है। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि इससे मन को शांति और जीवन में संतुलन प्राप्त होता है।
विशिष्ट अतिथि महामाया पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल रीमा महावर जी ने कहा की महिला दिवस केवल एक दिन मनाने का पर्व नहीं बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनकी क्षमताओं को पहचानने का संदेश है। यह कार्य ब्रह्माकुमारी संस्था पिछले कई दशकों से कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि आध्यात्मिक ज्ञान और मेडिटेशन के अभ्यास से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। साथ ही महिलाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश और सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई, जिससे कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत उत्साहपूर्ण बन गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि वे अपने जीवन में श्रेष्ठ संस्कारों और सकारात्मक विचारों को अपनाकर परिवार तथा समाज में शांति, प्रेम और सद्भावना का वातावरण बनाने में सहयोग दें।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएँ, स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
ईश्वरीय सेवा में
बीके संतोषी
ब्रह्माकुमारीज, रतनपुर