*शहीद अस्पताल दल्ली राजहरा द्वारा " विश्व क्षय दिवस " के अवसर पर चलाया जा रहा है विशेष जागरूकता अभियान l*
*शहीद अस्पताल दल्ली राजहरा द्वारा " विश्व क्षय दिवस " के अवसर पर चलाया जा रहा है विशेष जागरूकता अभियान l*
विश्वभर में 24 मार्च को विश्व क्षय दिवस के रूप में मनाया जाता है l जिसे मानाने का उद्देश्य टीबी के प्रति लोगो में जागरूकता बढ़ाना है l इसी विषय को लेकर शहीद अस्पताल में दिनांक 16 मार्च से 22 मार्च तक टीबी सप्ताह का विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है अस्पताल के स्वास्थ्य दल आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को तपेदिक (टीवी ) के प्रति सचेत करने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं l साप्ताहिक कार्यक्रम के रुपरेखा के अनुसार आज दिनांक 18 मार्च को ग्राम रजही 19 मार्च को भर्रीटोला भी 20 मार्च को ककरेल और 21 मार्च को जुनवानी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को टीवी के लक्षण टीबी के फैलाव, बचाव एवं शासन द्वारा संचालित योजनाओ के बारे में जानकारी दी गई l
विश्व टी.बी. दिवस (24 मार्च) के उपलक्ष्य में शहीद अस्पताल, दल्लीराजहरा द्वारा इस सप्ताह एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अस्पताल के स्वास्थ्य दल ने आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को तपेदिक (टी.बी.) के प्रति सचेत करने का सराहनीय कार्य किया है।
अभियान के तहत 18 मार्च को ग्राम रजही, 19 मार्च को भररीटोला, 20 मार्च को काकरेल और 21 मार्च को जुनवानी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रमों में ग्रामीणों को टीवी के लक्षण बचाव के उपाय और सरकारी इलाज की सुविधाओं के बारे में विस्तृत से जानकारी दी गई ।
यह उल्लेखनीय है कि शहीद अस्पताल केवल क्षेत्र के मरीज़ों का इलाज करने तक ही सीमित नहीं है। अस्पताल वर्षों से "मेहनतकशों के स्वास्थ्य के लिए मेहनतकशों का अपना कार्यक्रम" को निरंतर संचालित करती आ रही है, जो आम मज़दूर वर्ग और श्रमिकों के स्वास्थ्य को समर्पित एक विशेष पहल है।
इसके साथ ही शासन द्वारा चलाई जाने वाली अनेक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में भी शहीद अस्पताल अपनी सक्रिय भागीदारी निभाती है और इन योजनाओं को सफल बनाने में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाती रही है।
शहीद अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जाना ने टीवी के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि टीवी से घबराने की आवश्यकता नहीं है यह एक ठीक होने वाली बीमारी है l जिसका सही समय पर सही इलाज और दवा का सेवन सही तरीका से किया जाए तो मरीज बहुत जल्दी ठीक हो जाता है l उन्होंने बताया कि टीवी का सबसे प्रमुख लक्षण है लगातार खांसी आते रहना कभी-कभी खांसी के साथ खून भी आ जाता है l टीवी के लक्षण है यदि किसी मरीज को बुखार खास तौर पर शाम को आना, छाती में दर्द होना , वजन कम होना , भूख में कमी होना , कमजोरी और थकान महसूस होना , रात में ज्यादा पसीना और सांस लेने में तकलीफ होना , जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हो तो आप इस नजरअंदाज ना करें l पास के अस्पतालों में जाकर जांच करवाए l यदि टीवी के लक्षण आप में नजर आते हैं तो आप बिल्कुल भी ना घबराए l इसका इलाज है l इसे पूरी तरह से ठीक करने के लिए नियमित और सही दवाई का पूरा कोर्स लेना जरूरी है l दवाई का प्रभाव कुछ ही समय बाद दिखाना चालू हो जाता है मान लों आप में लक्षण है तो खासते , छींकते समय मुंह में रुमाल रखें l किसी को अपने झूठे चीज खाने को ना दें l सार्वजनिक जगह पर ना थूके l छोटी सी सावधानी आपके जीवन बचा सकती है इसलिए ध्यान रखें l शहीद अस्पताल में इसका इलाज होता है यदि आप में लक्षण दिखता है तो शहीद अस्पताल आकर आप
अपना इलाज करवा सकते हैं l
*टी.बी. सप्ताह: नुक्कड़ नाटक से गूंजी जागरूकता की आवाज़ ।*
इस बार अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए नुक्कड़ नाटक का सहारा लिया गया है, जो ग्रामीण जनता तक सीधे और सरल तरीके से संदेश पहुँचाने का एक अनूठा माध्यम है।
यह नुक्कड़ नाटक शहीद अस्पताल के चिकित्सक डॉ. वेद द्वारा तैयार किया गया है और ट्रेनिंग सिस्टर द्वारा इसे कुशलतापूर्वक प्रस्तुत किया जा रहा है। नाटक के माध्यम से टी.बी. के लक्षण, उसके इलाज और बचाव की जानकारी को आम बोलचाल की भाषा में दर्शाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण दर्शकों पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है।
दयालु राम, रामेश्वर साहू, चंपा देशमुख, डॉ राजा प्रिया दर्शीनी, साक्षी गुप्ता कांतिलाल, जग्गुराम, शैलेश बम्बोड़े ,धनीराम और ज्वेल साहा द्वारा टी.बी. से संबंधित अन्य आवश्यक जानकारियाँ ग्रामीणों को दी गई हैं।
गौरतलब है कि शहीद अस्पताल वर्षों से "मेहनतकशों के स्वास्थ्य के लिए मेहनतकशों का अपना कार्यक्रम" को निरंतर संचालित करती आ रही है। साथ ही शासन द्वारा चलाई जाने वाली सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में भी अस्पताल अपनी सक्रिय भागीदारी निभाती है और उन्हें सफल बनाने में हमेशा अग्रणी भूमिका अदा करती है।