*चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम मुड़पार में धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। **

*चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम मुड़पार में धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। **

*चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम मुड़पार में धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। **
*चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम मुड़पार में धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। **


खरोरा
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम मुड़पार में धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण के बीच विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किए गए।
नवरात्रि के समापन पर आयोजित सार्वजनिक ज्योति जवारा विसर्जन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भक्तों ने विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर जोत-जवारा का विसर्जन किया। साथ ही ग्राम के तीन घरों में विराजित जोत-जवारा का दर्शन-पूजन कर श्रद्धालुओं ने मां की कृपा प्राप्त की।
ग्राम मुड़पार में आयोजित जवारा विसर्जन कार्यक्रम में हजारों की संख्या में ग्रामवासी एवं आसपास के अंचल के लोग शामिल हुए। जय माता दी के जयकारों से पूरा गांव गूंज उठा और भक्ति संगीत ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। कार्यक्रम के दौरान मादार की थाप, झांझ, मंजीरा और जस गीतों के साथ कलाकारों ने मां का भव्य विसर्जन किया।

यह भव्य और ऐतिहासिक आयोजन ग्राम के अनिल कुमार वर्मा, समलू ध्रुव, बुधियारिन ध्रुव तथा महामाया माता समिति सहित समस्त ग्रामवासियों के विशेष सहयोग से संपन्न हुआ। विसर्जन के पश्चात महामाया प्रांगण में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण का भी भव्य आयोजन किया गया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान “महामाया माता की जय”, “दुर्गा माता की जय”, “बैगा बाबा की जय” और “पंडा बाबा की जय” के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।

श्री रोहित वर्मा जी की खबर

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