तिल्दा नेवरा
दिलीप वर्मा
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वरिष्ठ गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता एवं एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रन सिंह परमार उम्र 72 वर्ष का शुक्रवार शाम तिल्दा में आकस्मिक निधन हो गया।
वे तिल्दा में विख्यात गांधीवादी राजगोपाल पी.व्ही. एवं एकता परिषद के वरिष्ठ साथियों के साथ एक बैठक में भाग ले रहे थे। बैठक के दौरान उनकी तबियत बिगड़ी और तत्काल उन्हें मिशन अस्पताल तिल्दा में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
डॉ. रन सिंह परमार नेशनल यूथ प्रोजेक्ट के राष्ट्रीय महासचिव, महात्मा गांधी सेवा आश्रम, जौरा के सचिव तथा भोपाल स्थित गांधी भवन के ट्रस्टी भी थे। पिछले लगभग 50 वर्षों से वे वंचित समुदायों के हित में जल, जंगल और जमीन पर समुदाय के अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से संघर्ष और पैरवी करते रहे।
वे विख्यात गांधीवादी डॉ. एस.एन. सुब्बाराव के साथ युवावस्था से ही जुड़ गए थे और उनके मार्गदर्शन में सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई।
मुरैना में जन्मे डॉ. परमार ने चंबल के बागियों के आत्मसमर्पण की प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
एकता परिषद द्वारा आयोजित कई राष्ट्रीय पदयात्राओं और जन आंदोलनों में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई। गांधीवादी मूल्यों के प्रति समर्पित डॉ. परमार के निधन से देश भर के हजारों सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिज्ञ, बुद्धिजीवी तथा लाखों जमीनी कार्यकर्ता शोकाकुल हैं।
उनके पार्थिव शरीर को तिल्दा से रात 12 बजे सड़क मार्ग से महात्मा गांधी सेवा आश्रम के ग्वालियर संसाधन केंद्र, पुरानी छावनी थाना के पास ले जाया गया है और वहां आज शनिवार सुबह 11 बजे से श्रद्धांजलि ओसभा के बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव मृगपुरा, जिला मुरैना ले जाया जाएगा।
आज शनिवार सुबह 8 बजे एकता परिषद तिल्दा नेवरा द्वारा बताया गया कि शुक्रवार रात्रि तिल्दा में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई साथ ही सभी कार्यक्रम तुरंत रद्द किए गए।