➡️💥🔥दामिनी साहू (वरिष्ठ समाज सेवी ) 🔥💥⬅️अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं सरकार से अनुरोध करती हूं कि इस वर्ष को महिला सुरक्षा को समर्पित करे ।
➡️💥🔥दामिनी साहू (वरिष्ठ समाज सेवी ) 🔥💥⬅️
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं सरकार से अनुरोध करती हूं कि इस वर्ष को महिला सुरक्षा को समर्पित करे ।
भारत की महिलाओं की दशा पर जब हम दृष्टिपात करते हैं तब हमें एक असंतुलित दृश्य समाने नजर आता है। एक तरफ हम कहते हैं कि महिलाएं हमारे यहां राष्ट्रपति पद पर आसीन हैं, प्रधानमंत्री भी रही, हमारी कल्पना चावला, और सुनिता विलियम्स ने बंधनों को भेद कर अंतरिक्ष में उड़ाने भरी है। संतोष यादव ने अपने महिला पावों से हिमालियो को नापा है,ये वो चित्र है जो हमें गौरवान्वित करता है । ये वो चित्र है जो भारत की प्रतिष्ठा को दुनिया में बढ़ाता है
लेकिन एक दुसरा चित्र भी है जहां महिला ना जन्म के पहले सुरक्षित है ना जन्म के बाद सुरक्षित है, माता के गर्भ में मार दिया जाता है, भ्रूण हत्या कर दी जाती है,। जन्म के बाद ना दो बरस की बच्ची सुरक्षित है ना साठ बरस की वृद्धा सुरक्षित है ।दिल और दिमाग कौंधने लगता है,जब अखबार में पढ़ने को मिलता है,कि दो बरस की बच्ची के साथ दुष्कर्म हुई ,सात बरस की स्कुली बच्ची के साथ स्कूल के एक व्यक्ति ने दुष्कर्म किया ,साठ बरस की वृद्धा के साथ दुष्कर्म किया गया ,इन सभी घटनाओं से शीश शर्म से झुकता है और दिल दर्द से भर जाता है । इसलिए मैं कहना चाहती हूं आज इस वर्ष यदि महिला सुरक्षा के लिए समर्पित कर एक संकल्प लें तो स्थिति बदल सकती है , केवल दो चिजो से समाज की सोच से और व्यवस्था की खौंफ से ।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आज हम अपने स्तर संकल्प करे, और हमारी राज्य की सरकार, हमारी केन्द्र की सरकार हमारी विभिन्न संस्थाएं हमारे समाज का हर व्यक्ति आज से संकल्प करें कि हम सभी बहन, और बेटी को सुरक्षित रखेंगे ।उनके मन में कभी भी असुरक्षा का भाव पैदा नहीं होने देंगे तभी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाना सार्थक हो जाएगा । याद रहे हम उस देश के नागरिक हैं जहां वर्ष में दो बार नवरात्रि मनाई जाती है और कन्या को दैवी मानकर पूजा जाता है।