*“घर-घर दस्तक, शिक्षा और छात्रवृत्ति जागरूकता की पहल — छड़िया विद्यालय का सराहनीय पालक संपर्क अभियान”*

*“घर-घर दस्तक, शिक्षा और छात्रवृत्ति जागरूकता की पहल — छड़िया विद्यालय का सराहनीय पालक संपर्क अभियान”*

 *“घर-घर दस्तक, शिक्षा और छात्रवृत्ति जागरूकता की पहल — छड़िया विद्यालय का सराहनीय पालक संपर्क अभियान”*
प्रेस विज्ञप्ति 
 *“घर-घर दस्तक, शिक्षा और छात्रवृत्ति जागरूकता की पहल — छड़िया विद्यालय का सराहनीय पालक संपर्क अभियान”* 

शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय छड़िया में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने एवं उन्हें शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कराने के उद्देश्य से पालक संपर्क अभियान सतत रूप से संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने वाले विद्यार्थियों के घर-घर जाकर उनके अभिभावकों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। शिक्षकगण पालकों को बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ छात्रवृत्ति योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान कर रहे हैं। उन्हें समझाया जा रहा है कि शासन द्वारा प्रदत्त छात्रवृत्ति का लाभ नियमित उपस्थिति एवं आवश्यक दस्तावेजों की समय पर उपलब्धता पर निर्भर करता है। इस हेतु आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए पालकों को जागरूक किया जा रहा है।
गांव में भ्रमण के दौरान विद्यालय समय में बाहर घूमते पाए जाने वाले बच्चों को तत्काल विद्यालय लाकर उनकी अनुपस्थिति के कारणों की जानकारी ली जा रही है तथा परामर्श देकर उन्हें नियमित अध्ययन हेतु प्रेरित किया जा रहा है, ताकि समस्याओं का समुचित एवं निदानात्मक समाधान किया जा सके।
इस अभियान में शिक्षक तारकेश्वर कुमार धीवर एवं संगम कुमार मन्नाडे की सक्रिय सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय है। दोनों शिक्षक ग्राम भ्रमण, पालक संपर्क एवं दस्तावेज संकलन की प्रक्रिया में पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं, जिससे अभियान को प्रभावी सफलता मिल रही है।
विद्यालय के प्रधान पाठक धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के उद्देश्य से यह अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ शासकीय योजनाओं का लाभ प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुँचाना विद्यालय की प्राथमिकता है। विद्यालय की इस सक्रिय एवं जनहितकारी पहल की ग्रामवासियों द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि इस प्रकार के प्रयासों से न केवल विद्यालय की उपस्थिति में वृद्धि होगी, बल्कि विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य भी अधिक सुदृढ़ एवं सुरक्षित बनेगा।

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