बालोद: देवरी मंडल में डड़सेना कलार (सिन्हा) समाज का भव्य सम्मेलन संपन्न, युवक-युवती परिचय और प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
बालोद: देवरी मंडल में डड़सेना कलार (सिन्हा) समाज का भव्य सम्मेलन संपन्न, युवक-युवती परिचय और प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
मुढ़िया (सुरेगाँव): माता बहादुर कलारिन की असीम अनुकंपा और श्री सहस्त्रबाहु अर्जुन के जयघोष के साथ छत्तीसगढ़ डड़सेना कलार (सिन्हा) समाज, तहसील इकाई देवरी मंडल (जिला बालोद) द्वारा भव्य पारिवारिक मिलन एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन रविवार, 08 फरवरी 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कलश यात्रा के साथ भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम का आरंभ सुबह 9:00 बजे स्वजातीय महिलाओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश शोभा यात्रा से हुआ। इसके पश्चात सामाजिक ध्वजारोहण, दीप प्रज्वलन और आराध्य देव की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक झलक देखते ही बन रही थी।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में श्री ओमप्रकाश गजेंद्र (संरक्षक, जिला बालोद) उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद सदस्य श्री भूपेश नायक ने की। विशिष्ट अतिथियों में सरपंच श्री हरेश कौशिक, ग्राम पटेल श्री भंगी भुआर्य, मण्डलेश्वर श्री बिसरू राम सिन्हा और जिला अध्यक्ष श्री चमन लाल सिन्हा सहित समाज के विभिन्न क्षेत्रों के पदाधिकारी व ग्राम प्रमुख बड़ी संख्या में शामिल हुए।
सामाजिक नियमावली और संस्कार पर जोर
मुख्य अतिथि श्री ओमप्रकाश गजेंद्र ने अपने उद्बोधन में सामाजिक कुरीतियों को त्यागने और समाज के नियमों का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान भी बनाएं। तहसील सचिव श्री कालूराम सिन्हा ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता और युवाओं को एक मंच प्रदान करना था।
मुख्य आकर्षण: परिचय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह
युवक-युवती परिचय: विवाह योग्य युवक-युवतियों ने मंच पर आकर अपना परिचय दिया, जिससे समाज के भीतर ही सुयोग्य जीवनसाथी चुनने की राह आसान हो सके।
प्रतिभा प्रोत्साहन: बोर्ड परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
ग्राम प्रमुखों का सम्मान: विभिन्न क्षेत्रों (भंडेरा, खेरथा, नांहदा) से आए ग्राम प्रमुखों को उनकी सेवा के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति: बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।
आभार एवं समापन
कार्यक्रम के अंत में सामाजिक नियमों पर प्रकाश डालने के पश्चात आभार प्रदर्शन किया गया और सामाजिक ध्वज के ससम्मान अवतरण के साथ सम्मेलन के समापन की घोषणा की गई। इस सफल आयोजन में देवरी, खेरथा और नांहदा क्षेत्र के समस्त स्वजातीय बंधुओं का विशेष योगदान रहा।