सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवरा मे कक्षा द्वादश के विद्यार्थियो का आशीर्वाद समारोह आयोजित किया गया |
नेवरा-तिल्दा ।
दिलीप वर्मा।
सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवरा मे कक्षा द्वादश के विद्यार्थियो का आशीर्वाद समारोह आयोजित किया गया |
इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि- पुष्पराज वर्मा समाजसेवी, संयोजक सोनचंद वर्मा स्मृति फाउंडेशन, अध्यक्षता- आशुतोष देवांगन अनुविभागीय अधिकारी तिल्दा नेवरा, विशिष्ट अतिथि- देवव्रत शर्मा सभापति जनपद पंचायत तिल्दा नेवरा, डा. एल.पी.साहू भाजपा नेता, यशवंत जायसवाल पूर्व छात्र, फाउंडर मेम्बर- दिलीप शर्मा, सचिव स्वनिल श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार सोनी समिति सदस्य, प्राचार्य वासुदेव साहू ,वरिष्ठ आचार्य राजकुमार ताती, श्रीमती उर्मिला कश्यप ने दीप प्रज्वलन कर किया |सभी अतिथियो का तिलक वंदन कर स्वागत किया गया | आशुतोष देवांगन ने सभी भैया बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में मैथ्स और बायो एक ऐसा विषय है जिसके आधार पर किसी भी नौकरी के फील्ड में जाया जा सकता हैं| सबसे बड़ी चीज है यदि आप यह सोच रहे हैं कि हम छोटे से गांव से हैं तो बड़ी उपलब्धियां हासिल नहीं कर सकते तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है|
आपमे काबिलियत होनी चाहिए और मेहनत करने की क्षमता होनी चाहिए| जगह या स्कूल महत्व नहीं रखता| आप छोटे से विद्यालय से पढ़ाई कर बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं| सबसे प्रमुख चीज होती है धैर्य| किसी भी व्यक्ति को धैर्य नहीं खोना चाहिए खासकर शासकीय नौकरियों में जाने वालों को |आप सभी हमेशा पढ़ते रहे, परीक्षा दिलाते रहे और धैर्य बनाए रखें| आपकी मेहनत जरूर रंग लाएगी|मुख्य अतिथि श्री पुष्पराज वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि सबसे जरूरी बात होती है नजरिये की| जब हम एक लक्ष्य बनाते हैं तो शुरू करने से लेकर लक्ष्य तक पहुंचने के बीच में भी हमें छोटे-छोटे लक्ष्य और बनाने चाहिए| जो हमें आगे बढ़ने में प्रोत्साहित करते हैं| उन्होंने आगे कहा कि आप अपनी तुलना किसी से भी ना करें| यह काम आपके शिक्षको का है| आपको हमेशा स्वयं को स्वयं से प्रतियोगिता करनी चाहिए| आपको हमेशा यह प्रयत्न करना चाहिए कि आपका परीक्षा परिणाम पिछले वर्ष की अपेक्षा अच्छा आए| उन्होंने आगे कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में आधुनिकता लानी चाहिए लेकिन अपनी संस्कृति को भी साथ रखना चाहिए| श्री देवव्रत शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहां की जीवन में लक्ष्य होना चाहिए| कोई भी व्यक्ति अच्छा इंजीनियर बने या डॉक्टर बने यह महत्व नहीं रखता, बस एक अच्छा नागरिक बनना जरूरी है| तत्पश्चात द्वादश के भैया बहनों ने अपना अनुभव साझा किया| प्राचार्य वासुदेव साहू ने भैया बहनो को संबोधित करते हुए कहा कि आप शिशु मंदिर के बच्चे हैं| अपनी यही पहचान आप सभी को विद्यालय के बाहर भी बनाए रखना है आपका भविष्य उज्जवल हो यही हमारी प्रार्थना और आशीर्वाद है| तत्पश्चात सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया |साथ ही एकादश के भैया बहनों द्वारा द्वादश के सभी भैया बहनों को भेंट प्रदान किया गया| कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य श्री वासुदेव साहू ने आए हुए सभी अतिथियाो का आभार ज्ञापित किया|