*धान खरीदी समाप्ति के एक सप्ताह बाद भी किसानों को अंतर राशि का भुगतान न होना अत्यंत निराशाजनक – डॉ. प्रतीक उमरे*

*धान खरीदी समाप्ति के एक सप्ताह बाद भी किसानों को अंतर राशि का भुगतान न होना अत्यंत निराशाजनक – डॉ. प्रतीक उमरे*

*धान खरीदी समाप्ति के एक सप्ताह बाद भी किसानों को अंतर राशि का भुगतान न होना अत्यंत निराशाजनक – डॉ. प्रतीक उमरे*
*धान खरीदी समाप्ति के एक सप्ताह बाद भी किसानों को अंतर राशि का भुगतान न होना अत्यंत निराशाजनक – डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने धान खरीदी वर्ष 2025-26 की समाप्ति के एक सप्ताह व्यतीत हो जाने के बावजूद किसानों को अंतर राशि (बोनस) के भुगतान में देरी पर गहरी निराशा व्यक्त की है।उन्होंने कहा कि यह देरी न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रही है, बल्कि राज्य सरकार की 'किसान हितैषी' छवि पर भी प्रश्नचिह्न लगा रही है।डॉ. प्रतीक उमरे ने मांग की है कि अंतर राशि का भुगतान तत्काल किया जाए, ताकि किसान अपनी फसल की बिक्री से प्राप्त होने वाले पूर्ण लाभ का उपयोग कर सकें।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा फरवरी माह में बोनस भुगतान का ऐलान किया गया था,लेकिन एक सप्ताह बाद भी किसानों के खातों में यह राशि नहीं पहुंची है।धान खरीदी की समाप्ति के बाद एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन किसानों को उनकी मेहनत का पूरा फल अभी तक नहीं मिला।यह निराशाजनक है,छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में,जहां धान किसानों की रीढ़ है, ऐसी देरी स्वीकार्य नहीं।सरकार ने प्रारंभिक भुगतान किया है,लेकिन बोनस के बिना यह अपूर्ण है।डॉ. प्रतीक उमरे ने बताया कि दुर्ग जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में हजारों किसान इस देरी से प्रभावित हैं।विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसान,जो प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा के अंतर्गत अपनी उपज बेचते हैं आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

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