संत गजानन मंदिर में आज श्री गजानन महाराज प्रगट उत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया।
यह आयोजन श्री श्रद्धा सुमन साईबाबा मंदिर, हाउसिंग बोर्ड भारती विशाल देशमुख परिवार के द्वारा श्री गजानन महाराज के द्वारा मंदिर प्रातः जलाभिषेक, फूल-माला, चंदन, धूप, मूर्ति-पूजन, भजन एवं कीर्तन के साथ हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न हुआ।
शुक्रवार को श्री संत गजानन मंदिर में पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठानों एवं भक्ति कार्यक्रमों की श्रृंखला चली। महिला मंडल द्वारा सुंदर गजानन महाराज भजन-गीतों का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें “श्री गजानन जय गजानन” जैसे भक्तिमय गीत प्रस्तुत किए गए।
सुबह से रात तक चले जलाभिषेक, ग्रंथ पाठ, आरती, पूजन और कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। प्रातः 6 बजे महाराज का विधिवत जलाभिषेक किया गया। इसके पश्चात विजय ग्रंथ का श्रद्धापूर्वक पठन हुआ। श्री गजानन ग्रंथ पाठ उषा क्षीरसागर पाठ करणे से सभी कार्य सिद्ध हो जाते है जय गजानन श्री गजानन मंत्र का जप करना चाहिए सभी गजानन भक्तजन को इसके उपरांत भगवान की आरती एवं पूजा संपन्न हुई।
सुबह 10 बजे भगवान गणेश को समर्पित अर्थवशीर्ष का सामूहिक पाठ भक्तों द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रमुख जजमान के रूप में श्री काकाजी शोभा गुज्जर परिवार ने हवन पूजन विधि-विधान से पूजा मंदिर के पंडित के द्वारा पूजा कथा पुराण संपन्न कराई। दोपहर 12:30 बजे आरती के पश्चात भावपूर्ण एवं सारगर्भित महिला मंडळ हाऊसिंग बोर्ड सुंदर भजन कीर्तन प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने श्रोताओं का मन मोह लिया और मंदिर परिसर भक्तिरस में डूब गया।
कार्यक्रम की जानकारी गजानन ने दी। उन्होंने बताया कि मंदिर में समय-समय पर ऐसे धार्मिक आयोजन होते रहते हैं, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं शांति प्राप्त होती है। आयोजन श्री गजानन महाराज भारतीविशाल देशमुख के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मंदिर पंडित द्वारा पूजा, हवन एवं अन्य धार्मिक विधियाँ कराई गईं तथा श्री गजानन महाराज के जीवन चरित्र, उनके कार्यों एवं सत्य मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई।
इस अवसर पर गजानन भक्त उषा प्रशांत कुमार क्षीरसागर सहित सैकड़ों महिला एवं पुरुष भक्त उपस्थित रहे। भक्तों द्वारा “जय गजानन”, “श्री गजानन महाराज की जय” के जयघोष लगाए गए।
विशेष प्रसाद के रूप में श्री गजानन महाराज को जव्हार की रोटी, भाकर, बेसन-मिर्ची का ठेचा, मोदक, मिर्ची-प्याज तथा गोपाल काला नैवेद्य अर्पित किया गया। पूजा-आरती के पश्चात सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
अंत में मंदिर परिसर “जय गजानन, श्री गजानन महाराज की जय हो” के जयघोष से गूंज उठा।