*डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी से मिला टीचर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल*
*मांगो पर हुई विस्तार से चर्चा*
*पेंशन हेतु पूर्व सेवा को लेकर नीति बनाने, प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक, शिक्षक पदोन्नति पर हुई चर्चा*
*क्रमोन्नति हेतु वन टाइम रिलेक्सेशन की मांग -एसोसिएशन*
*व्याख्याता पदोन्नति शीघ्र होगी - डीपीआई रघुवंशी*
*मोहला मानपुर अ.चौकी*:-- छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में ऋतुराज रघुवंशी संचालक डीपीआई, अशोक नारायण बंजारा सहायक संचालक, एच सी दिलावर सहायक संचालक से मुलाकात करके शिक्षक (एल बी) संवर्ग के मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा। संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने चर्चा करते हुए कहा कि 30 हजार सहायक शिक्षक पदोन्नति एवं क्रमोन्नति से वंचित है, पदोन्नति हेतु एसोसिएशन की थीम पर 5 वर्ष के अनुभव को एक बार (वन टाइम रिलैक्सेशन) शिथिल करते हुए 3 वर्ष किया गया था इसी तरह क्रमोन्नति/समयमान हेतु निर्धारित 10 वर्ष की सेवा को एक बार (वन टाइम रिलैक्सेशन) शिथिल करते हुए 5 वर्ष किया जावे।
डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी जी ने प्रतिनिधिमंडल को चर्चा में कहा कि प्राचार्य प्रतीक्षा सूची पदोन्नति की प्रक्रिया शासन स्तर पर जारी है, यह शीघ्र होगा। व्याख्याता टी संवर्ग की पदोन्नति हेतु काउंसिलिंग शीघ्र करेंगे।
व्याख्याता ई संवर्ग एवं प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला पदोन्नति हेतु न्यायालयीन बाधा दूर करने विस्तार से चर्चा करते हुए पक्ष रखा गया एवं सहायक शिक्षक से शिक्षक पदोन्नति हेतु विस्तार से चर्चा की गई।
सौंपे गए ज्ञापन में मांग किया गया है कि रमेश चंद्रवंशी WPS 2255/2021 एवं अन्य याचिकाओं में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा यह महत्वपूर्ण रूप से प्रतिपादित किया गया है कि पेंशन एक कल्याणकारी योजना है तथा यह सेवाओं के बदले दिया जाने वाला स्थगित पारिश्रमिक है। साथ ही न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि संविलियन से पूर्व याचिकाकर्ताओं द्वारा दी गई दीर्घकालीन सेवाओं को अप्रासंगिक मानकर नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। इसके अतिरिक्त माननीय उच्च न्यायालय ने यह निर्देश भी दिया है कि सेवा की निरंतरता, किए गए कर्तव्यों की प्रकृति, वेतन का स्रोत, प्रशासनिक नियंत्रण तथा संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 के अंतर्गत समानता के संवैधानिक सिद्धांतों को अनिवार्य रूप से ध्यान में रखा जाना चाहिए।
ज्ञापन में मांग किया गया कि केंद्र सरकार, उत्तरप्रदेश सरकार व उत्तराखंड सरकार की तरह छत्तीसगढ़ राज्य में भी पेंशन निर्धारण के लिए 33 वर्ष अर्हकारी सेवा के स्थान पर 20 वर्ष अर्हकारी सेवा होने पर 50 % पेंशन निर्धारण का प्रावधान किया जावे।
न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि पर पेंशन निर्धारण का प्रावधान है, इससे एल बी संवर्ग के अनेकों शिक्षक बिना पेंशन के सेवानिवृत हो रहे है, अतः न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा अवधि पर पेंशन निर्धारण का प्रावधान किया जावे।
30 हजार सहायक शिक्षक पदोन्नति एवं क्रमोन्नति से वंचित है, पदोन्नति हेतु दिए गए वन टाईम रिलेक्सेशन की तरह क्रमोन्नति के लिए 10 वर्ष की सेवा को एक बार (वन टाइम रिलेक्सेशन) के लिए शिथिल करते हुए 5 वर्ष में क्रमोन्नति का लाभ देने प्रावधान किया जावे।
शेष रिक्त प्राचार्य के पदों पर शीघ्र पदोन्नति दी जाए।
प्राचार्य के 10 % पदों पर विभागीय परीक्षा आयोजित किया जावे।
प्रधानपाठक (पुर्व माध्यमिक) शिक्षक तथा प्रधानपाठक (प्राथमिक शाला) के सभी जिले के रिक्त पदों पर कलेंडर तय कर पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने निर्देश जारी की जाए।
छतीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन मोहला मानपुर अ.चौकी के जिला अध्यक्ष श्रीहरि,प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र यदु,प्रदेश संगठन मंत्री बाबूलाल लाडे,जिला सचिव रूपेंद्र नन्दे,प्रांतीय आई टी सेल प्रभारी केवल साहू,अंगद सलामे,जिला सयोंजक रमेश सोनी,मनोज कुमार देशमुख,भेषराम रावटे,जिला उपाध्यक्ष राममणि द्विवेदी,बंशी विनायक ,सत्यवान वाकडे,ललिता कन्नौजे,सुधन सिंह कोरेटि,रविंद्र रामटेके,हिमेश्वरी देवांगन,किशोर देवांगन,संजय देवांगन,दिवाकर बोरकर,सरोज साहू,दिलीप धनकर,जीवन नेताम,जिला मिडिया प्रभारी गुलाब सिन्हा सहित जिला पदाधिकारियो ने जल्द शिक्षक संवार्गो के हित में निर्णय लेने की मांग की है....