बेमेतरा: RTI आवेदक की पहचान सार्वजनिक करने पर घिरे PWD अधिकारी; SP से FIR दर्ज करने की मांग
मेघू राणा बेमेतरा:-- सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगना एक नागरिक के लिए उस वक्त मुसीबत बन गया, जब लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने कथित तौर पर आवेदक का नाम और पता सार्वजनिक कर दिया। इस मामले में अब पुलिस अधीक्षक (SP) बेमेतरा से गुहार लगाई गई है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ संगीन धाराओं में FIR दर्ज की जाए।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता गोपाल प्रसाद शर्मा ने बेमेतरा SP को सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया है कि लोक निर्माण विभाग, बेमेतरा संभाग में पदस्थ कार्यपालन अभियंता श्री डी. के. चंदेल एवं संबंधित जन सूचना अधिकारी ने RTI अधिनियम के प्रावधानों का खुला उल्लंघन किया है।
आरोप है कि विभाग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति (ज्ञापन क्रमांक 5899, दिनांक 07/11/2025) के माध्यम से RTI आवेदक श्री अब्दुल वाहिद रवानी का नाम और उनका पूरा आवासीय पता सार्वजनिक रूप से प्रकाशित कर दिया गया।
गोपनीयता और सुरक्षा पर खतरा
शिकायत में तर्क दिया गया है कि किसी RTI आवेदक की पहचान उजागर करना भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन एवं निजता का अधिकार) का उल्लंघन है। आवेदक का कहना है कि:
आवेदक की जान-माल को वास्तविक खतरा उत्पन्न हो गया है।
उसे मानसिक भय और असुरक्षा की स्थिति में धकेला गया है।
यह कृत्य लोक सेवकों द्वारा पद का दुरुपयोग और नागरिक को भयभीत करने की नीयत से किया गया प्रतीत होता है।
इन धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और IT एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है:
धारा 196: निजी जानकारी का अवैध प्रकाशन।
धारा 197 व 201: भय पैदा करना और जीवन को खतरे में डालना।
धारा 316: लोक सेवक द्वारा पद का दुरुपयोग।
IT एक्ट की धारा 72: निजता भंग करना।
आगे की स्थिति
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करते हुए तत्काल FIR दर्ज की जाए और आवेदक श्री अब्दुल वाहिद रवानी को आवश्यक पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। पत्र पर 02 फरवरी 2026 की सील लगी हुई है, जिससे स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन को इसकी आधिकारिक सूचना दे दी गई है।