दल्लीराजहरा में शिव भक्ति की बहेगी रसधार: माँ झरन मैय्या मंदिर में 8 फरवरी से 'संगीतमय श्री शिवमहापुराण कथा' का भव्य आयोजन
दल्लीराजहरा में शिव भक्ति की बहेगी रसधार: माँ झरन मैय्या मंदिर में 8 फरवरी से 'संगीतमय श्री शिवमहापुराण कथा' का भव्य आयोजन
दल्लीराजहरा। लौह नगरी दल्लीराजहरा के सुप्रसिद्ध माँ झरन मैय्या प्राचीन मंदिर में आस्था और श्रद्धा का अनुपम संगम होने जा रहा है। मंदिर समिति द्वारा निरंतर तीसरे वर्ष भी भव्य संगीतमय श्री शिवमहापुराण कथा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आध्यात्मिक आयोजन 08 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालु शिव भक्ति के सागर में गोते लगाएंगे।
इस दिव्य महोत्सव में छत्तीसगढ़ के प्रख्यात कथावाचक आचार्य जितेंद्र महाराज "चैतन्य" (खमरिया, बेमेतरा वाले) अपने मुखारविंद से शिव महिमा का बखान करेंगे।
प्रतिदिन सुबह 10 बजे: पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक।
प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से: संगीतमय शिवमहापुराण कथा (प्रभु इच्छा तक)।
कथा के दौरान प्रतिदिन भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों और लीलाओं का वर्णन किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से:
प्रथम दिवस: कलश यात्रा एवं महात्म्य कथा।
चतुर्थ दिवस: शिव-पार्वती विवाह महोत्सव।
पंचमी दिवस: कार्तिकेय व गणेश बाललीला।
अंतिम दिवस (15 फरवरी): महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर सुबह 9 बजे महारुद्राभिषेक, 10 बजे हवन एवं दोपहर 12:30 बजे से विशाल भंडारा का आयोजन होगा।
माँ झरन मैय्या मंदिर एवं जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि वे सपरिवार इस पुण्यमयी कथा में उपस्थित होकर धर्म लाभ उठाएं। समिति ने नगरवासियों और श्रद्धालुओं के लिए व्यापक तैयारियां की हैं ताकि भक्ति के इस उत्सव में किसी को असुविधा न हो।
"शिव सत्य है, शिव सुंदर है। माँ झरन मैय्या की असीम कृपा से आयोजित इस कथा में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।"