*होली पर शराब दुकानों को खुला रखने के निर्णय पर पुनर्विचार करें - डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से होली के अवसर पर शराब दुकानों को खुला रखने के निर्णय पर गंभीरतापूर्वक पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि इस निर्णय से होली जैसे पवित्र और पारिवारिक त्योहार की खुशी भयावह परिणामों में बदल सकती है,जिसका दुष्परिणाम समाज,कानून व्यवस्था और आम जनता पर पड़ सकता है।होली का त्योहार रंगों,प्रेम और एकता का प्रतीक है न कि मद्यपान और अराजकता का।शराब दुकानों के खुले रहने से अपराधिक घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि होने की प्रबल संभावना है।होली के दौरान पहले से ही भीड़भाड़ और उत्साह का माहौल होता है और यदि इसमें शराब का प्रवाह जुड़ गया तो आपराधिक घटनाओं का ग्राफ चढ़ सकता है।उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में होली पर शराब के सेवन से जुड़ी घटनाओं ने पूरे समाज को शर्मसार किया है तथा कई परिवार उजड़ गए हैं।उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में भी भारी इजाफा होने की आशंका जताई है।उन्होंने कहा कि शराब के नशे में धुत चालक सड़कों पर मौत का तांडव रच सकते हैं,जिससे निर्दोष परिवारों का जीवन तबाह हो सकता है।डॉ. प्रतीक उमरे ने पुलिस प्रशासन की व्यथा का भी जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस बल पहले से ही सीमित संसाधनों में सेवा दे रहा है।होली पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां आने से अधिकारी-कर्मचारी अत्यधिक परेशान होंगे और उनकी सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।यह न केवल प्रशासनिक बोझ बढ़ाएगा बल्कि जनता का विश्वास भी कमजोर करेगा।डॉ. प्रतीक उमरे ने विपक्षी कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस इस निर्णय का मुखरता से विरोध नहीं कर रही है क्योंकि वे होली में होने वाले किसी भी अनिष्ट को राजनीतिक मुद्दा बनाकर अपनी रोटियां सेंकना चाहते हैं।कांग्रेस का इतिहास ही अवसरवादिता का रहा है।