*भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे के प्रमुख सुझाव केंद्रीय बजट 2026-27 में शामिल*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने आज केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने उनके द्वारा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजे गए सुझावों को गंभीरता से विचार करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ जैसे कृषि-प्रधान, खनिज-समृद्ध एवं आदिवासी बहुल राज्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा, क्योंकि इसमें स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती,जीवन रक्षक दवाओं पर टैक्स राहत, कृषि एवं ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, रोजगार सृजन तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उनके सुझावों की भावना स्पष्ट रूप से झलक रही है।डॉ. प्रतीक उमरे ने विस्तार से बताया कि उन्होंने पत्र में छत्तीसगढ़ की विशेष चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख सुझाव दिए थे,जिनमें से कई बजट में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो गए हैं।बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को क्रांतिकारी मजबूती दी गई है।36 प्रकार की जीवन रक्षक दवाओं (कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह आदि) को जीएसटी एवं कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त या न्यूनतम दर पर रखा गया है, जिससे गरीब एवं मध्यम वर्ग के मरीजों को सस्ती दवाएं मिलेंगी।प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार जारी रहेगा।शिक्षा में आईआईटी सीटों में 6,500 की वृद्धि तथा आदिवासी क्षेत्रों के लिए डिजिटल एवं कौशल-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहन दिया गया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि यह उनके सुझावों से सीधे जुड़ा है, जो छत्तीसगढ़ के आदिवासी एवं ग्रामीण परिवारों को स्वास्थ्य एवं शिक्षा की बेहतर पहुंच प्रदान करेगा।कृषि मंत्रालय के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये का आवंटन,जिसमें छोटे किसानों के लिए जैविक खेती, जलवायु-अनुकूल बीज,सिंचाई परियोजनाएं एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर।महात्मा गांधी ग्राम स्वराज अभियान' जैसे कार्यक्रमों से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य मजबूत हुआ है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा छत्तीसगढ़ के 80% छोटे-सीमांत किसानों को यह सीधा लाभ मिलेगा।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि उन्होंने पत्र में छत्तीसगढ़ की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सुझाव दिए थे।बजट में इनकी भावना शामिल होने से राज्य की जीडीपी वृद्धि 8-10% तक पहुंच सकती है।यह 'विकसित भारत 2047' के सपने की दिशा में एक मजबूत कदम है।