*ग्राम मुड़पार में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति स्थापना, भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन*
खरोरा।
सिमगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम मुड़पार में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता की प्रतीक छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति की स्थापना का आयोजन भव्य रूप से किया गया। इस अवसर पर रात्रिकालीन छत्तीसगढ़ी पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ, जिसमें सुवा, करमा, पंथी एवं राउत नाचा की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं। कार्यक्रम में आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से जुड़े लोक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
मूर्ति स्थापना कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। यह आयोजन युवा संगठन जोहार छत्तीसगढ़ क्रांति सेना, छत्तीसगढ़ क्रांति सेना महिला संगठन एवं समस्त ग्रामवासियों के विशेष सहयोग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंद्रकांत यदु (प्रदेश उपाध्यक्ष, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी) रहे। विशेष अतिथि के रूप में सुरेंद्र यदु (जिला अध्यक्ष, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी), विनोद वर्मा, सूर्य सिंह चौहान (शहर अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ क्रांति सेना बेमेतरा), निलेश साहू (जिला अध्यक्ष, बेमेतरा), गोपीचंद साहू (जिला अध्यक्ष, रायपुर), कंचन मानिकपुरी सहित प्रदेश भर से पधारे क्रांति सेनानियों का भव्य स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि चंद्रकांत यदु ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता, मातृशक्ति और भावनात्मक एकता का प्रतीक है, जिसमें एक हाथ में धान की बाली व दूसरे हाथ में हसिया आशीर्वाद मुद्रा में दर्शाया गया है। वहीं विशेष अतिथि सुरेंद्र यदु ने प्रतिमा की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा, लुगरा, आभूषण और सोनहा धान राज्य की कृषि प्रधान संस्कृति एवं समृद्धि का प्रतीक हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डोगरिया से आई राउत नाचा पार्टी, श्रद्धा की फूल बालिका पंथी पार्टी (दातन-पलारी) द्वारा बाबा गुरु घासीदास के संदेशों पर आधारित गीत व नृत्य प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही बोली रानी सागर गुल्लू द्वारा प्रस्तुत सुआ नृत्य ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम में ग्राम की प्रथम नागरिक सरपंच निर्मला निषाद, पूर्व सरपंच मनोज तिवारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन समिति को इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए बधाई दी। यह आयोजन ग्राम मुड़पार के इतिहास में पहली बार इतने भव्य रूप में संपन्न हुआ, जिसकी सर्वत्र सराहना की जा रही है।
मंच संचालन दाऊ लाल साहू द्वारा किया गया, वहीं ध्वनि व्यवस्था डोमन सुपर साउंड सिस्टम, मुड़पार द्वारा संभाली गई। आयोजन को सफल बनाने में युवा संगठन सेनानियों डोमार साहू, मैकरावल, खिलेंद मूलचंद, मेहुल छेरकाने, निखिल ध्रुव, मनोहर ध्रुव, लल्लू ध्रुव, राजा साहू, दीपक साहू, शीतल साहू, महिला संगठन की सदस्यों एवं समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अंत में बूढ़ा देव की जय, गुरु घासीदास बाबा की जय, छत्तीसगढ़ महतारी की जय, सुवा महारानी की जय, जोहार छत्तीसगढ़ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
श्री रोहित वर्मा जी की खबर