दो आंदोलनकारी महिला रसोइयों की मौत शासन-प्रशासन की निरंकुशता व लापरवाही का परिणाम : शंकर साहू
*रायपुर*//-
छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष-शंकर साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ के अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान हुई हमारी दो रसोइया बहनों की मौत कई गंभीर सवालों को जन्म देती हैं और हमारे राज्य की प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करने को काफी हैंl शासन और संगठन के बीच की मुख्य कड़ी प्रशासनिक अधिकारी होते हैं पर जब ये लोग ही लापरवाह और गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने लगे तो एसी भयावाह घटनाक्रम क्रम होना तय है जिसका ताजा उदाहरण हमारी दो हड़ताली रसोइया बहनें अपनी जान गंवा कर दिए हैंl इस प्रशासनिक लापरवाही की जांच सरकार के द्वारा करवाना चाहिए और जो भी लापरवाह अधिकारी हैं उन्हें चिन्हित कर दण्डित करे और हमारे रसोईया बहनो के परिवारजनों को शासकीय नौकरी और पचास लाख मुआवजा प्रदान करे l
आंदोलन के दौरान अगर कोई भी वारदात होती है तो सभी को संवैधानिक रूप से उपचार का अधिकार है इलाज में हुई देरी एवं शासन-प्रशासन के द्वारा इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया जाना, इस कारण से दो रसोईया बहनों की मौत हुई है हमारा संगठन छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन की ओर से आंदोलन में मृत बहनों को सादर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मांग करते हैं कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो और उचित न्याय मिले l
मध्यान्ह भोजन रसोइया संघ की मांग जायज है सरकार को "मोदी की गारंटी" के तहत इनकी माँगो को अविलंब पूरा कर रसोइयों के साथ न्याय करें।