बेमेतरा:- धर्म, संस्कृति और सामाजिक चेतना के संगम का साक्षी बना गरियाबंद–राजिम
विधायक दीपेश साहू ने दिया सनातन मूल्यों व सामाजिक एकता का संदेश
मेघू राणा बेमेतरा :- बेमेतरा विधायक दीपेश साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती केवल भौगोलिक पहचान नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम की मर्यादा, त्याग और करुणा की जीवंत साधना भूमि है। यहाँ की नदियाँ, वन और जन-जीवन रामकथा से अनुप्राणित हैं तथा जन-जन के हृदय में प्रभु श्रीराम का वास है।
विधायक साहू गरियाबंद जिले के कुटेना स्थित सिरकट्टी आश्रम में भगवान श्रीराम जी के भव्य एवं दिव्य मंदिर में आयोजित धर्मध्वजा स्थापना एवं कलश पूजन के पावन अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी उपमुख्यमंत्री अरुण साव जी के साथ बेमेतरा विधायक दीपेश साहू भी सम्मिलित हुए। इस अवसर पर अपने संबोधन में विधायक दीपेश साहू ने कहा कि धर्मध्वजा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, न्याय और राष्ट्रचेतना का उद्घोष है। ऐसे आयोजन हमारी सनातन संस्कृति की जड़ों को और अधिक मजबूत करते हैं तथा आने वाली पीढ़ियों को संस्कार, आस्था और राष्ट्रप्रेम की दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम के वनवास काल की साक्षी रही है और यह भूमि आज भी राम के आदर्शों पर चलकर समाज को दिशा दे रही है।
इसी क्रम में विधायक साहू ने राजिम में राजिम भक्तिन माता जयंती के अवसर पर स्थापित ‘गीताप्रेस पुस्तकालय’ के उद्घाटन समारोह में सहभागिता की। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी द्वारा उद्घाटित इस पुस्तकालय को उन्होंने ऐतिहासिक बताते हुए कहा गीताप्रेस पुस्तकालय सनातन संस्कृति, वैदिक परंपरा और धर्म-दर्शन के अमूल्य ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। यह युवा पीढ़ी को सत्य, सदाचार और आत्मचेतना के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।विधायक दीपेश साहू ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजन छत्तीसगढ़ को धर्म, विकास और सद्भाव के पथ पर निरंतर अग्रसर करेंगे।
इसके पश्चात विधायक दीपेश साहू माता कर्मा (राजिम भक्तिन माता) जयंती महोत्सव में सम्मिलित होकर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा माता कर्मा केवल साहू समाज की ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ की श्रद्धा और सामाजिक चेतना की प्रतीक हैं।
उनकी आस्था, त्याग और सेवा भावना आज भी समाज को एकता, संगठन और संस्कार की प्रेरणा देती है।उन्होंने कहा कि साहू समाज अपनी सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और संगठन शक्ति के बल पर निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। प्रदेश के कोने-कोने से सामाजिक बंधुओं की उपस्थिति इस सामाजिक जागरण का प्रमाण है।