*डॉ. प्रतीक उमरे ने केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़-केंद्रित सुझाव दिए: राज्य की कृषि, स्वास्थ्य एवं बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर जोर*
*डॉ. प्रतीक उमरे ने केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़-केंद्रित सुझाव दिए: राज्य की कृषि, स्वास्थ्य एवं बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर जोर*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।छत्तीसगढ़ राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डॉ. प्रतीक उमरे ने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने,स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, बुनियादी ढांचे के विकास तथा युवा रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया है।उन्होंने कहा कि ये सुझाव राज्य की आर्थिक प्रगति को गति प्रदान करेंगे और 'अमृत काल' के लक्ष्यों को साकार करने में सहायक सिद्ध होंगे।डॉ. प्रतीक उमरे ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया है।ज्ञापन में छत्तीसगढ़ की भौगोलिक,आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों को संबोधित करते हुए निम्नलिखित प्रमुख सुझाव दिए गए हैं:
*कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए विशेष प्रावधान*
डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि-प्रधान राज्य है,जहां धान,दालें एवं सब्जियों का उत्पादन प्रमुख है।उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्रीय बजट में 'छत्तीसगढ़ कृषि उन्नयन कोष' की स्थापना की जाए,जिसमें कम से कम 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान हो। इस कोष से सिंचाई परियोजनाओं,जैविक खेती को बढ़ावा तथा किसानों के लिए सस्ते बीज एवं उर्वरक उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित किया जाए।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के 80% से अधिक किसान छोटे एवं सीमांत हैं।केंद्रीय सहायता से इनकी आय दोगुनी करने का लक्ष्य साकार हो सकता है।
*स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र में निवेश*
डॉ. प्रतीक उमरे ने स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती पर ध्यानाकर्षण करते हुए आयुष्मान छत्तीसगढ़ योजना के तहत 1,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन की मांग की है,जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्थापित किए जा सकें।शिक्षा के संदर्भ में उन्होंने आदिवासी एवं पिछड़े जिलों में डिजिटल शिक्षा के लिए 2,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज प्रस्तावित करने का आग्रह किया है।शिक्षा ही सशक्तिकरण का आधार है।केंद्रीय बजट से छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी,जो राष्ट्रीय विकास में योगदान देंगे।
*बुनियादी ढांचे एवं रोजगार सृजन*
उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों एवं रेल नेटवर्क का विस्तार प्राथमिकता हो।डॉ. प्रतीक उमरे ने भिलाई-दुर्ग औद्योगिक क्षेत्र को 'मेक इन इंडिया' के तहत विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) घोषित करने तथा 3,000 करोड़ रुपये के निवेश की सिफारिश किया है।इसके अलावा स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए 500 करोड़ रुपये का 'युवा उद्यमिता कोष' गठित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी की समस्या को हल करने के लिए बुनियादी ढांचे का विकास आवश्यक है। इससे लाखों नौकरियां सृजित होंगी।
*पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण*
छत्तीसगढ़ के घने जंगलों को ध्यान में रखते हुए डॉ. प्रतीक उमरे ने 'हरित छत्तीसगढ़ मिशन' के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान सुझाया। इसमें जल संरक्षण परियोजनाएं एवं वन संरक्षण शामिल हैं।उन्होंने जलवायु परिवर्तन से प्रभावित आदिवासी समुदायों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग किया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट छत्तीसगढ़ के लिए एक सुनहरा अवसर है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा राज्यों की प्रगति को प्राथमिकता दी है।ये सुझाव छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होंगे।