गमछा पहन कर सीएम के सामने मत आना एसडीएम आशुतोष देवांगन

गमछा पहन कर सीएम के सामने मत आना एसडीएम आशुतोष देवांगन

गमछा पहन कर सीएम के सामने मत आना एसडीएम आशुतोष देवांगन
गमछा पहनकर सीएम कार्यक्रम में आने पर रोक का आरोप: खरोरा फुटबॉल टूर्नामेंट समापन में विवाद

गमछा पहन कर सीएम के सामने मत आना एसडीएम आशुतोष देवांगन 

बीजेपी पार्टी को खुश करने के लिए आयोजित करवाती है जेएसएफ टूर्नामेंट -अजय कुमार वर्मा 

खरोरा में JSF द्वारा आयोजित 6 दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट के समापन समारोह को लेकर विवाद -
 समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आगमन से पहले च्छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिला अध्यक्ष अजय वर्मा और जोहार पार्टी के योगेश साहू के साथ कथित तौर पर भेदभाव किए जाने का आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार, JSF द्वारा यह टूर्नामेंट पिछले छह दिनों से आयोजित किया जा रहा था। आयोजन के दौरान विभिन्न वर्गों के लोगों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया और मैच देखने के लिए आमंत्रण भी वितरित किए गए। इसी क्रम में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिला अध्यक्ष अजय वर्मा को भी समापन समारोह में शामिल होने का आमंत्रण मिला था।
आमंत्रण मिलने के बाद अजय वर्मा और जोहार पार्टी के योगेश साहू अपनी टीम के साथ कार्यक्रम स्थल पर मैच देखने पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के आने की तैयारी चल रही थी। आरोप है कि इसी दौरान तिल्दा एसडीएम आशुतोष देवांगन ने उन्हें गमछा पहनकर मुख्यमंत्री के सामने आने और बैठने से मना किया। दोनों नेताओं का कहना है कि वे आमंत्रण पर शांतिपूर्वक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
मीडिया को दिए बयान में अजय वर्मा और योगेश साहू ने बताया कि उन्हें तब और अधिक अपमानित महसूस हुआ, जब एसडीएम के साथ-साथ आयोजन टीम के मुख्या टेशम गिल्हरे ने भी कथित तौर पर उनसे कहा कि यहां किसी तरह की राजनीति न करे ,इस घटनाक्रम के बाद दोनों पदाधिकारी स्वयं को अपमानित महसूस करते हुए कार्यक्रम स्थल से वापस लौट गए।
इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या किसी पारंपरिक गमछे को पहनकर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जाना आपत्तिजनक है? क्या गमछा पहनने से मुख्यमंत्री नाराज हो सकते हैं? इन्हीं सवालों को लेकर अब मामला सोशल मीडिया पर भी तूल पकड़ रहा है।
सोशल मीडिया के माध्यम से अजय वर्मा और उनके समर्थकों ने आरोप लगाया है कि यह कार्यक्रम एक राजनीतिक दल विशेष से जुड़ा था और वहां “छत्तीसगढ़ियों” की उपस्थिति को हतोत्साहित किया गया 
फिलहाल यह विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पारंपरिक पहचान व लोकतांत्रिक अधिकारों के संदर्भ में सवाल उठा रहे हैं।

Ads Atas Artikel

Ads Atas Artikel 1

Ads Center 2

Ads Center 3